Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Taaja Khabar
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Taaja Khabar
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»देश के शीर्ष साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को मिला साहित्य अकादमी का सबसे बड़ा सम्मान
    छत्तीसगढ़

    देश के शीर्ष साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को मिला साहित्य अकादमी का सबसे बड़ा सम्मान

    By August 23, 2024No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर

    देश के शीर्ष साहित्यकार, रायपुर के रहने वाले विनोद कुमार शुक्ल को साहित्य अकादमी ने शुक्रवार को अपने सर्वोच्च सम्मान महत्तर सदस्यता से विभूषित किया. साहित्य अकादमी ने रायपुर में उनके घर में एक संक्षिप्त आयोजन में उन्हें महत्तर सदस्यता प्रदान की. भारत में साहित्य अकादमी का यह सबसे बड़ा सम्मान है.

    इस अवसर पर साहित्य अकादमी के सचिव के श्रीनिवास राव ने प्रशस्ति पाठ करते हुए कहा कि विनोद कुमार शुक्ल, कविता और गल्प का अद्भुत संयोग रचने वाले सर्जक हैं. यह संयोग कुछ ऐसा होता है कि विधाओं की सीमा का अतिव्यापन-सा हो जाता है. प्रथमतः कलावादी प्रत्ययों से संसाधित जान पड़ने वाली रचना में गहरे प्रवेश करने पर पता चलता है कि रचनाकार ने अमूर्तन को स्थानीयताओं से मूर्त और प्रयोजनीय बना दिया है. अपरिग्रह का अभ्यासी यह रचनाकार अभिव्यक्ति कला और शब्द-शक्तियों का ऐसा अपूर्व अन्वेषण करता है कि रचना रहस्य-लीला-सी लगने लगती है. किसी स्मृति के आख्यान-सी मृदुल और झिलमिल, जिसमें एक विलक्षण प्रशांति का सुख है.

    उन्होंने कहा कि इस अर्थ में विनोद कुमार शुक्ल बिलकुल अपने-से रचनाकार हैं, जिनके मूल्यांकन के लिए कला प्रतिमानों को अपने अभिप्राय के लिए शंकित होना पड़ता है और इसलिए नए कला मापदंडों की आवश्यकता महसूस होती है। इसी नाते विनोद कुमार शुक्ल हमारे समय के सर्वश्रेष्ठ लेखकों में शुमार किए जाते हैं. उन्होंने कहा कि स्थानिकता का वैश्विकता से क्या रिश्ता है यह विनोद कुमार शुक्ल की रचनाओं को पढ़कर जाना जा सकता है. दुनियाभर के आदिवासी इन दिनों जल, जंगल, ज़मीन से विस्थापन के संकट से गुज़र रहे हैं. ऐसे में विनोद कुमार शुक्ल की कविताएं भरपूर स्थानिक एवं विशद् वैश्विक एक साथ हैं.

    अपनी तरह के अकेले विनोद कुमार शुक्ल
    1 जनवरी 1937 को राजनांदगांव में जन्मे विनोद कुमार शुक्ल पिछले 50 सालों से लिख रहे हैं. विनोद कुमार शुक्ल का पहला कविता-संग्रह ‘लगभग जयहिंद’ 1971 में प्रकाशित हुआ था. उनके उपन्यास नौकर की कमीज, खिलेगा तो देखेंगे, दीवार में एक खिड़की रहती थी हिंदी के श्रेष्ठ उपन्यासों में शुमार होते हैं. कहानी संग्रह पेड़ पर कमरा और महाविद्यालय भी बहुचर्चित रहे हैं. इसी तरह लगभग जयहिंद, वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहनकर विचार की तरह, सब कुछ होना बचा रहेगा, अतिरिक्त नहीं, कविता से लंबी कविता, आकाश धरती को खटखटाता है, जैसे कविता संग्रह की कविताओं को भी दुनिया भर में सराहा गया है. बच्चों के लिये लिखे गये हरे पत्ते के रंग की पतरंगी और कहीं खो गया नाम का लड़का जैसी रचनाओं को भी पाठकों ने हाथों-हाथ लिया है. दुनिया भर की भाषाओं में उनकी किताबों के अनुवाद हो चुके हैं.

    कई सम्मान और पुरस्कार
    कविता और उपन्यास लेखन के लिए गजानन माधव मुक्तिबोध फेलोशिप, रजा पुरस्कार, वीरसिंह देव पुरस्कार, सृजनभारती सम्मान, रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार, दयावती मोदी कवि शिखर सम्मान, भवानीप्रसाद मिश्र पुरस्कार, मैथिलीशरण गुप्त सम्मान, पं. सुन्दरलाल शर्मा पुरस्कार जैसे कई पुरस्कारों से सम्मानित हो चुके विनोद कुमार शुक्ल को उपन्यास ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’ के लिए 1999 में ‘साहित्य अकादमी’ पुरस्कार भी मिल चुका है. हाल के वर्षों में उन्हें मातृभूमि बुक ऑफ द ईयर अवार्ड भी दिया गया है. पुरस्कार के लिए विनोद कुमार शुक्ल को चुनने वालों में लेखक-संगीतकार अमित चौधरी, ईरानी- अमेरिकी पत्रकार रोया हाकाकियन और इथियोपियाई-अमेरिकी लेखिका माज़ा मेंगिस्टे थे.

    पैनल ने कहा, “शुक्ल के गद्य और पद्य में सूक्ष्म और अनचीन्ही चीज़ों का अवलोकन है. उनके लेखन में जो आवाज़ सुनाई पड़ती है, वो एक गहरी बुद्धिमत्ता वाले चितेरे की है. गोया दिन में सपने देखने वाला एक व्यक्ति, जो बीच-बीच में हठात चकित हो उठता है.” पिछले ही साल उन्हें पेन अमरीका ने अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के लिए नाबोकॉव अवार्ड से उन्हें सम्मानित किया था. एशिया में इस सम्मान को पाने वाले वे पहले साहित्यकार हैं. विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यास ‘नौकर की कमीज’ पर जाने-माने फ़िल्मकार मणिकौल ने एक फ़िल्म भी बनाई थी.

    स्थानिकता का वैश्विकता से क्या रिश्ता है यह विनोद कुमार शुक्ल की रचनाओं को पढ़कर जाना जा सकता है. दुनिया भर के आदिवासी इन दिनों जल, जंगल, ज़मीन से विस्थापन के संकट से गुज़र रहे हैं. ऐसे में विनोद कुमार शुक्ल की कविताएँ भरपूर स्थानिक एवं विशद् वैश्विक एक साथ हैं. विनोद कुमार शुक्ल, कविता और गल्प का अद्भुत संयोग रचने वाले सर्जक हैं. यह संयोग कुछ ऐसा होता है कि विधाओं की सीमा का अतिव्यापन-सा हो जाता है. प्रथमतः कलावादी प्रत्ययों से संसाधित जान पड़ने वाली रचना में गहरे प्रवेश करने पर पता चलता है कि रचनाकार ने अमूर्तन को स्थानीयताओं से मूर्त और प्रयोजनीय बना दिया है. अपरिग्रह का अभ्यासी यह रचनाकार अभिव्यक्ति कला और शब्द-शक्तियों का ऐसा अपूर्व अन्वेषण करता है कि रचना रहस्य-लीला- सी लगने लगती है. किसी स्मृति के आख्यान-सी मृदुल और झिलमिल, जिसमें एक विलक्षण प्रशांति का सुख है.

    इस अर्थ में विनोद कुमार शुक्ल बिलकुल अपने-से रचनाकार हैं, जिनके मूल्यांकन हेतु कला प्रतिमानों को अपने अभिप्राय के लिए शंकित होना पड़ता है और इसलिए नए कला मापदंडों की आवश्यकता महसूस होती है और इसी नाते विनोद कुमार शुक्ल हमारे समय के सर्वश्रेष्ठ लेखकों में शुमार किए जाते हैं.

    Related Posts

    छत्तीसगढ़ में ईवी चार्जिंग नेटवर्क को मिलेगा बूस्ट, सरकार लाएगी एकीकृत एप…..

    July 8, 2026

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी…..

    July 8, 2026

    एस.डी.जी. 2.0 और ‘बस्तर अंजोर’ से विकसित छत्तीसगढ़ के विजन को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

    July 8, 2026

    बाढ़ आपदा एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग बेमेतरा अलर्ट मोड पर  

    July 8, 2026

    लोक निर्माण विभाग के सचिव ने रेलवे ओवर-ब्रिज एवं रेलवे अंडर-ब्रिज कार्यों की समीक्षा की….

    July 8, 2026

    गनियारी पहुंचे स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के दशगात्र एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम की तैयारियों का लिया जायजा….

    July 8, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    छत्तीसगढ़ में ईवी चार्जिंग नेटवर्क को मिलेगा बूस्ट, सरकार लाएगी एकीकृत एप…..

    July 8, 2026

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी…..

    July 8, 2026

    एस.डी.जी. 2.0 और ‘बस्तर अंजोर’ से विकसित छत्तीसगढ़ के विजन को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

    July 8, 2026

    बाढ़ आपदा एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग बेमेतरा अलर्ट मोड पर  

    July 8, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Faraha Niyazi
    मोबाइल - 8889278888
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Royal Garden , LIC Road Kangoli, Jagdalpur - 494001
    July 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    2728293031  
    « Jun    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.