Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Taaja Khabar
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Taaja Khabar
    Home»विदेश»सिपाही कमल राम, जिसने इटली के लिए लगा दी थी जान की बाजी, अंग्रेजों से पाया बहादुरी का सबसे बड़ा तमगा…
    विदेश

    सिपाही कमल राम, जिसने इटली के लिए लगा दी थी जान की बाजी, अंग्रेजों से पाया बहादुरी का सबसे बड़ा तमगा…

    By June 15, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    सिपाही कमल राम, जिसने इटली के लिए लगा दी थी जान की बाजी, अंग्रेजों से पाया बहादुरी का सबसे बड़ा तमगा…
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इटली पहुंचे हैं।

    वहां उनका स्वागत इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने किया। तीसरे कार्यकाल का कार्यभार संभालने के बाद यह प्रधानमंत्री का पहला विदेश दौरा है।

    उल्लेखनीय है कि भारत-इटली का पुराना नाता रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों ने बेनिटो मुसोलिनी के फासीवादी शासन और नाजी जर्मनी से इटली को आजाद कराने के लिए मित्र देशों की सेनाओं के अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 

    एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 50,000 से अधिक भारतीय सैनिकों ने इटली में लड़ाई लड़ी थी।

    इटली के युद्ध क्षेत्र में सैनिकों को दिए जाने वाले 20 विक्टोरिया क्रॉस में से छह भारतीय थे। बता दें कि विक्टोरिया क्रॉस ब्रिटेन का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है।

    अंग्रेजों ने भारतीय सेना में युवा पुरुषों को भर्ती किया ताकि वे युद्धक्षेत्रों में वीरता पूर्वक लड़ सकें।

    भारतीय सेना में जवानों में कमल राम भी शामिल रहे, जो उस समय 18 वर्ष के रहे होंगे। वह स्वेच्छा से ब्रिटिश भारतीय सेना की 8वीं पंजाब रेजिमेंट में शामिल हो गए।

    विश्व युद्ध के दौरान इटली को आजाद कराने के लिए 4, 8 और 10वीं इन्फैंट्री डिवीजनों को तैनात किया गया था। कमल राम की रेजिमेंट 8वीं इन्फैंट्री डिवीजन का हिस्सा थी। 

    युवाओं से भरी थी 8वीं इन्फैंट्री डिवीजन
    इस दौरान जर्मन ने कई किलेबंदी की थी जो पश्चिम में टायरहेनियन सागर से लेकर पूर्व में एड्रियाटिक सागर तक फैली हुई थी। 8वीं इन्फैंट्री डिवीजन सितंबर 1943 में सीरिया के रास्ते इटली पहुंची।

    8वीं इन्फैंट्री डिवीजन, सैनिकों का ऐसा दल का जो हिंदू, सिख और मुस्लिम समुदायों के युवाओं से भरा था। इसमें भारतीय स्वेच्छा से लड़ने के लिए आगे आए, उस दौरान युवा सैनिक सिर्फ 18 और कुछ तो 16 साल के थे।

    बहादुरी से लड़े थे सिपाही कमल राम
    12 मई, 1944 को 8वीं पंजाब रेजिमेंट ने गुस्ताव लाइन पर हमला किया। गारी नदी पार करने के तुरंत बाद उनकी कंपनी को सामने और किनारों पर चार जर्मन मशीन गन पोजिशन ने घेर लिया।

    पुलहेड की रक्षा के लिए पोस्ट को सुरक्षित करना बहुत जरूरी था। कंपनी कमांडर ने दुश्मन को दाईं ओर से पीछे धकेलकर पोस्ट को सुरक्षित करने के लिए सैनिकों से कहा।

    इसके बाद सिपाही कमल राम कंटीली तारों को चीरते हुआ आगे बढ़े और दुश्मन के ठिकाने पर हमला कर दिया। उन्होंने एक जर्मन सैनिक को मार गिराया और मशीन गन को शांत कर दिया।

    जब एक अन्य जर्मन ने उसकी बंदूक छीनने की कोशिश की, तो कमल राम ने राइफल बट से उसे मार गिराया। तभी सिपाही कमल राम पर गोलियों से हमला हुआ।

    कमल राम गोलियों से बचते हुए दूसरी मशीन गन पोजीशन की ओर चले गए। उन्होंने ग्रेनेड फेंके और दुश्मन की तोपों को खामोश कर दिया और शेष दुश्मन ने आत्मसमर्पण कर दिया। वह एक कंपनी हवलदार की सहायता के लिए आगे बढ़े, जो तीसरी मशीन गन को शांत करने के लिए हमला कर रहा था। उन्होंने अकेले ही दो मशीन गन पोजीशन पर नियंत्रण कर लिया और तीसरी पर कब्जा करने में मदद की।

    अंग्रेजों ने दिया सबसे बड़ा बहादुरी सम्मान
    बाद में जब एक प्लाटून आगे बढ़ी तो एक घर में छिपे जर्मनों ने आगे बढ़ते सैनिकों पर गोलीबारी की। जिसके बाद सिपाही कमल राम घर की ओर भागे।

    उन्होंने एक जर्मन को मार गिराया और दो अन्य को पकड़ लिया।

    उनकी सेवा के लिए, किंग जॉर्ज VI ने 27 मई, 1944 को इटली में सिपाही कमल राम की छाती पर सर्वोच्च वीरता पुरस्कार विक्टोरिया क्रॉस लगाया। वह विक्टोरिया क्रॉस से सम्मानित होने वाले दूसरे सबसे कम उम्र के भारतीय थे। 

    The post सिपाही कमल राम, जिसने इटली के लिए लगा दी थी जान की बाजी, अंग्रेजों से पाया बहादुरी का सबसे बड़ा तमगा… appeared first on .

    Related Posts

    एपस्टीन फाइल्स से फिर मचा हड़कंप, नई लिस्ट में इवांका ट्रंप और एलन मस्क

    February 2, 2026

    राजनयिक संकट गहराया: दक्षिण अफ्रीका और इजरायल आमने-सामने, दोनों ने अपनाया सख्त रुख

    February 2, 2026

    पाकिस्तान के खैबर प्रांत में सैन्य काफिले पर आत्मघाती हमला, 13 सैनिकों की मौत, 29 घायल

    June 28, 2025

    टैरिफ पर ट्रंप ने लिया यू-टर्न, स्मार्टफोन और लैपटॉप को टैरिफ से दी छूट

    April 13, 2025

    ट्रंप की धमकी से पनामा सेहमा, चीन की BRI परियोजना को आगे न बढ़ाने का किया ऐलान

    February 3, 2025

    US Plane Crash: शवों की संख्या बढ़ी, राहत और बचाव कार्य में जुटे अधिकारी

    February 3, 2025
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    सिलगेर के माड़वी कोसा ने अपने हाथों से बनाया अपना घर, मुख्यमंत्री ने सौंपी खुशियों की चाबी….

    April 16, 2026

    9 बी.टी. सड़कों के लिए डेढ़ करोड़ मंजूर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वीकृति आदेश जारी….

    April 16, 2026

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को फोन कर दी बधाई…..

    April 16, 2026

    युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

    April 16, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Faraha Niyazi
    मोबाइल - 8889278888
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Royal Garden , LIC Road Kangoli, Jagdalpur - 494001
    April 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    27282930  
    « Mar    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.