Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Taaja Khabar
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Taaja Khabar
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ‘जशपुर: एक परिचय’ पुस्तक का विमोचन…..
    छत्तीसगढ़

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ‘जशपुर: एक परिचय’ पुस्तक का विमोचन…..

    News DeskBy News DeskAugust 24, 2026No Comments7 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान दिल्ली के द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘जशपुर : एक परिचय’ का विमोचन किया। यह पुस्तक जशपुर जिले के इतिहास, प्रशासनिक विकास, सुशासन की व्यवस्थाओं, सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन, जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और विकास की संभावनाओं पर केंद्रित एक व्यापक अध्ययन है। पुस्तक में आजादी के बाद से जशपुर की प्रशासनिक व्यवस्था में आए बदलावों के साथ वर्तमान प्रशासनिक संस्थाओं और कार्यप्रणाली का अध्ययन किया गया है। इस अवसर पर भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की  छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा रायपुर के चेयरमैन  भूतपूर्व मुख्य सचिव श्री सुयोग्य कुमार मिश्रा, वाइस चेयरमैन भूतपूर्व अपर मुख्य सचिव डॉ. इंदिरा मिश्रा तथा वाइस चेयरमैन भूतपूर्व मुख्य सचिव तथा वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण प्रकाशन के लिए भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा को बधाई देते हुए कहा कि जशपुर छत्तीसगढ़ के उन विशिष्ट अंचलों में है, जहां प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं की समृद्ध विरासत के साथ विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। जशपुर की पहचान उसके सुंदर पहाड़ों, घाटियों, नदियों, जलप्रपातों और घने वनों से तो है ही, यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराएं इसे विशिष्ट बनाती हैं। उन्होंने कहा कि जशपुर की इन विशेषताओं के साथ जिले की विकास यात्रा और प्रशासनिक अनुभवों को एक पुस्तक के रूप में समेटना सराहनीय प्रयास है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की विकास यात्रा को समझने के लिए वहां के इतिहास, समाज, संस्कृति, प्राकृतिक संसाधनों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का समग्र अध्ययन आवश्यक है। ‘जशपुर : एक परिचय’ इसी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह पुस्तक केवल जशपुर की वर्तमान तस्वीर प्रस्तुत नहीं करती, बल्कि समय के साथ जिले की प्रशासनिक संरचना और विकास प्रक्रिया में आए परिवर्तनों को समझने का अवसर भी प्रदान करती है।

    श्री साय ने कहा कि जशपुर का सांस्कृतिक और पारिस्थितिक स्वरूप छत्तीसगढ़ के मैदानी और औद्योगिक क्षेत्रों से अलग है। छोटानागपुर पठार के विस्तारित भू-भाग का हिस्सा होने के कारण यहां की भौगोलिक संरचना, जलवायु, वन संपदा और आजीविका के स्वरूप की अपनी विशिष्टताएं हैं। पीढ़ियों से यहां निवासरत जनजातीय समुदायों ने अपनी परंपराओं, जीवन-पद्धति और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की संस्कृति को संरक्षित रखा है। यही विविधता जशपुर को अध्ययन और विकास, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण बनाती है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते वर्षों में जशपुर ने अधोसंरचना, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका संवर्धन और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की है। विकास की इस यात्रा में यह आवश्यक है कि स्थानीय विशेषताओं और जरूरतों को केंद्र में रखकर भविष्य की योजनाएं तैयार की जाएं। इस प्रकार के अध्ययन प्रशासन को क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों को गहराई से समझने और विकास की भावी प्राथमिकताएं तय करने में उपयोगी आधार प्रदान करते हैं।

    उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार, रोजगार और आजीविका के अवसरों का विस्तार करते हुए स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक संपदा का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जशपुर में विकास और प्रकृति के बीच संतुलन की बड़ी संभावनाएं हैं। कृषि, वनोपज, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों और महिला तथा युवा उद्यमिता को बढ़ावा देकर जिले की अर्थव्यवस्था को और सशक्त बनाया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से छत्तीसगढ़ के सबसे समृद्ध अंचलों में से एक है। यहां के पहाड़, वन, नदियां, जलप्रपात और सुरम्य घाटियां पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार क्षमता रखती हैं। इसके साथ ही जनजातीय जीवन, लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और स्थानीय खान-पान जशपुर को विशिष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखते हैं। जिले की इन खूबियों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण जशपुर को व्यापक पहचान दिलाने में भी सहायक होगा।

    श्री साय ने कहा कि भारतीय लोक प्रशासन संस्थान ने देश में लोक प्रशासन के अध्ययन और उसकी गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शोध, प्रशिक्षण, प्रकाशन और नीतिगत विमर्श के माध्यम से संस्थान ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने में निरंतर योगदान दिया है। जिला स्तर पर प्रशासन और विकास के अध्ययन की यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत की विकास यात्रा को सही मायने में समझने के लिए जिलों और स्थानीय प्रशासन के अनुभवों को समझना आवश्यक है।

    उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन शासन और नागरिकों के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर सेवा प्रदाय और स्थानीय समस्याओं के समाधान तक जिला स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था की केंद्रीय भूमिका होती है। ऐसे में किसी जिले की प्रशासनिक यात्रा, सफल प्रयोगों और चुनौतियों का दस्तावेजीकरण अन्य क्षेत्रों के लिए भी सीख और नवाचार का आधार बन सकता है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘जशपुर : एक परिचय’ प्रशासकों, नीति-निर्माताओं, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और जशपुर के सामाजिक-आर्थिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप को समझने की रुचि रखने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री सिद्ध होगी। यह पुस्तक जशपुर की विशिष्टताओं को व्यापक मंच पर सामने लाने के साथ जिले पर आगे होने वाले शोध और विकासपरक अध्ययनों को भी प्रेरित करेगी।

    भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत हुआ जशपुर का अध्ययन

    उल्लेखनीय है कि भारतीय लोक प्रशासन संस्थान नई दिल्ली द्वारा अपनी क्षेत्रीय शाखाओं को संबंधित राज्यों के कम से कम एक जिले का व्यापक अध्ययन करने का प्रोजेक्ट दिया गया है। इसका उद्देश्य आजादी के बाद जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था, शासन प्रणाली और कार्यप्रणाली में आए बदलावों के साथ उनकी विकास यात्रा का अध्ययन और दस्तावेजीकरण करना है।

    इस अध्ययन में वर्तमान प्रशासनिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं का आकलन करने के साथ भविष्य में बेहतर प्रशासन और विकास के लिए संभावित दिशा की पहचान पर भी जोर दिया गया है। इसी क्रम में भारतीय लोक प्रबंधन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा रायपुर ने प्रदेश के 33 जिलों में से जशपुर का चयन किया।

    जशपुर को अध्ययन के लिए चुने जाने के पीछे जिले की विशिष्ट भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियां महत्वपूर्ण रही हैं। छत्तीसगढ़ के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित जशपुर एक प्रमुख जनजातीय बहुल जिला है। इसकी सांस्कृतिक और पारिस्थितिक संरचना प्रदेश के मैदानी कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों से काफी अलग है। छोटानागपुर पठार के विस्तारित क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण जशपुर में ऊंचे भू-भाग, वन आधारित आजीविका और समृद्ध जनजातीय परंपराओं का अनूठा संगम दिखाई देता है।

    जशपुर पर अपनी तरह का महत्वपूर्ण समग्र अध्ययन

    पुस्तक में उल्लेख किया गया है कि यह परंपरागत जिला गजेटियर नहीं, बल्कि जशपुर के विविध पक्षों को समेटने वाला संक्षिप्त समग्र दस्तावेज है। वर्ष 1998 में पृथक जिला बनने से पहले जशपुर, रायगढ़ जिले की एक तहसील था। जशपुर का पृथक जिला गजेटियर उपलब्ध नहीं होने के कारण अध्ययन में रायगढ़ जिला गजेटियर सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न प्रकाशनों, जनगणना 2011, शासकीय विभागों की रिपोर्ट और जिले से संबंधित प्रकाशित सामग्री का उपयोग किया गया है।

    इस अध्ययन की एक विशेषता यह भी है कि इसे किसी एक व्यक्ति द्वारा तैयार नहीं किया गया है, बल्कि जशपुर जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों से प्राप्त जानकारियों और सामूहिक सहयोग के आधार पर इसे स्वरूप दिया गया है। जिले के विभिन्न शासकीय कार्यालयों से उपलब्ध आंकड़ों और सूचनाओं को संकलित कर जशपुर की समग्र तस्वीर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।

    पुस्तक जशपुर के प्रशासन और विकास की यात्रा के साथ उसकी प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशिष्टताओं को भी सामने लाती है।भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा ने विश्वास व्यक्त किया है कि जशपुर के विविध पहलुओं पर केंद्रित यह प्रारंभिक समग्र अध्ययन भविष्य में जिले के इतिहास, प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और विकास की संभावनाओं पर और अधिक विस्तृत शोध के लिए आधार बनेगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘जशपुर : एक परिचय’ के प्रकाशन से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि यह अध्ययन जशपुर के अतीत और वर्तमान को समझने के साथ उसके उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को नई दिशा देने में उपयोगी सिद्ध होगा।

    News Desk

    Related Posts

    सेवा संकल्प अभियान: सेवा की कहानी : पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में अभिलाष को मिली 46,846 रुपये की राहत, बचत की पूरी राशि बहनों को दी उपहार में….

    October 13, 2026

    सेवा संकल्प अभियान : वीबी-जी रामजी योजना से ग्रामीण आजीविका को मिलेगा बढ़ावा, निजी डबरी और तालाब निर्माण के लिए 5.01 करोड़ रुपये स्वीकृत…..

    October 13, 2026

    शिक्षकों का समर्पण प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बना रहा सशक्त- शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव…..

    October 13, 2026

    सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का गंभीरता से निराकरण करें- मुख्य सचिव विकासशील….

    October 13, 2026

    शोधग्रंथ पर्यावरण संरक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता का उत्कृष्ट संगम – उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा….

    October 13, 2026

    पीएमजीएसवाई की बदहाल सड़कों पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सख्त, गारंटी अवधि में शामिल सड़कों का निरीक्षण कर शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई…..

    October 13, 2026
    RO.No :-14063/47
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    सेवा संकल्प अभियान: सेवा की कहानी : पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में अभिलाष को मिली 46,846 रुपये की राहत, बचत की पूरी राशि बहनों को दी उपहार में….

    October 13, 2026

    सेवा संकल्प अभियान : वीबी-जी रामजी योजना से ग्रामीण आजीविका को मिलेगा बढ़ावा, निजी डबरी और तालाब निर्माण के लिए 5.01 करोड़ रुपये स्वीकृत…..

    October 13, 2026

    शिक्षकों का समर्पण प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बना रहा सशक्त- शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव…..

    October 13, 2026

    सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का गंभीरता से निराकरण करें- मुख्य सचिव विकासशील….

    October 13, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Faraha Niyazi
    मोबाइल - 8889278888
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Royal Garden , LIC Road Kangoli, Jagdalpur - 494001
    October 2026
    M T W T F S S
     1234
    567891011
    12131415161718
    19202122232425
    262728293031  
    « Sep    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.