Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Taaja Khabar
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Taaja Khabar
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»जीवंत हो उठा छत्तीसगढ़ के अनगिनत वीर जनजातीय पुरखों का अमर स्वाभिमान….
    छत्तीसगढ़

    जीवंत हो उठा छत्तीसगढ़ के अनगिनत वीर जनजातीय पुरखों का अमर स्वाभिमान….

    News DeskBy News DeskAugust 14, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर: 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस का यह पावन अवसर केवल स्वतंत्रता का एक वार्षिक पर्व नहीं, बल्कि उन अनगिनत आत्माओं के तर्पण का दिन है जिन्होंने अपनी देह को भारत माता के चरणों में समर्पित कर आज़ादी के वटवृक्ष को सींचा था। जब संपूर्ण देश लाल किले की प्राचीर से तिरंगे को फहरते देख गर्व महसूस कर रहा होता है, तब छत्तीसगढ़ की पावन धरा नवा रायपुर अटल नगर में सीना ताने खड़ा ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ देश के इतिहास में दर्ज उन स्वर्णिम पन्नों की याद दिलाता है जो लंबे समय तक उपेक्षित रहे।

    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्योत्सव की रजत जयंती के पावन अवसर पर 01 नवंबर 2025 को राष्ट्र को समर्पित यह भव्य संग्रहालय केवल पत्थरों और माटी का ढांचा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी के उन अमर नायकों का जीवंत स्पंदन है जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के क्रूर तंत्र के आगे कभी सिर नहीं झुकाया।

    विशेष आलेख : जीवंत हो उठा छत्तीसगढ़ के अनगिनत वीर जनजातीय पुरखों का अमर स्वाभिमान

    छत्तीसगढ़ का इतिहास सदैव से संघर्ष, स्वाभिमान और जल-जंगल-जमीन की रक्षा का इतिहास रहा है। 1857 की महान क्रांति में सोनाखान की माटी से क्रांति का शंखनाद करने वाले अमर शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान आज भी जन-जन के हृदय में देशभक्ति की ज्वाला जलाता है। लगभग 50 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित यह संग्रहालय प्रदेश का पहला ऐसा स्मारक है जो विशेष रूप से जनजातीय नायकों के शौर्य को समर्पित है।

    विशेष आलेख : जीवंत हो उठा छत्तीसगढ़ के अनगिनत वीर जनजातीय पुरखों का अमर स्वाभिमान

    जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में स्थापित यह संग्रहालय 14 से 16 भव्य गैलरियों में विभाजित है, जहाँ लगभग 650 से अधिक अत्यंत सुंदर और जीवंत मूर्तिशिल्प स्थापित किए गए हैं। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यहाँ 18वीं और 19वीं शताब्दी के उन ऐतिहासिक जनजातीय विद्रोहों को दर्शाया गया है जिन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी थी। दर्शक यहाँ हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह और सोनाखान विद्रोह की शौर्यगाथाओं को साक्षात अनुभव कर सकते हैं। इसके साथ ही भारतीय स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह के लिए दो अलग-अलग विशेष गैलरियाँ बनाई गई हैं।

    यह संग्रहालय केवल प्राचीन गाथाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह अत्याधुनिक तकनीक और गहन शोध का एक बेजोड़ उदाहरण है। इतिहास की घटनाओं को व्हीएफएक्स टेक्नोलॉजी, प्रोजेक्शन वर्क और डिजिटल मीडिया के माध्यम से ऐसा रूप दिया गया है कि आगंतुक इतिहास को केवल देखते नहीं, बल्कि उसे महसूस करते हैं। प्रत्येक दीर्घा में डिजिटल बोर्ड लगे हैं, जहाँ आगंतुक अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करके या मॉनिटर और माइक्रोफोन के माध्यम से संबंधित विद्रोह की संपूर्ण जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा आगंतुकों का मार्गदर्शन करने के लिए गाइड्स की व्यवस्था की गई है। संग्रहालय में पर्यटकों के लिए शुद्ध पेयजल, पार्किंग, सीसीटीवी सुरक्षा, प्राथमिक उपचार केंद्र और व्हीलचेयर जैसी सुविधाओं के साथ-साथ शिशुवती महिलाओं के लिए विशेष शिशु देख-रेख कक्ष की भी उत्तम व्यवस्था की गई है।

    उद्घाटन के बाद से ही यह संग्रहालय देश-विदेश के पर्यटकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा और ज्ञान का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। छुट्टियों के दिनों में यहाँ प्रतिदिन चार से पाँच हजार और आम दिनों में एक से दो हजार दर्शक पहुँच रहे हैं। महज दस महीनों के भीतर 2.50 लाख से अधिक लोग इसका अवलोकन कर चुके हैं। सर्वाेच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री सूर्यकांत, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी मैरीकॉम सहित विभिन्न राज्यों के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी, सेना के जवान और विदेशी पर्यटकों का दल यहाँ आकर छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा की सराहना कर चुका है। स्थानीय लोगों के लिए यह संग्रहालय रोजगार के नए अवसर भी लेकर आया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं विभागीय मंत्री श्री रामविचार नेताम के सतत मार्गदर्शन तथा प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा के प्रशासनिक नेतृत्व में बना यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देता रहेगा कि अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने का साहस ही सबसे बड़ी शक्ति है। छत्तीसगढ़ के इन अमर सेनानियों का बलिदान हमें सदैव अपने राष्ट्र की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा करने की प्रेरणा देता रहेगा।

    News Desk

    Related Posts

    मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन से छत्तीसगढ़ के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

    October 13, 2026

    वृक्षों के पातन और लॉगिंग पर आयोजित हुई वर्कशॉप, उन्नत तकनीकों के साथ श्रमिक सुरक्षा पर जोर, वन विकास निगम ने कवर्धा में मैदानी अमले को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण….

    October 13, 2026

    वृक्षों के पातन और लॉगिंग पर आयोजित हुई वर्कशॉप, उन्नत तकनीकों के साथ श्रमिक सुरक्षा पर जोर, वन विकास निगम ने कवर्धा में मैदानी अमले को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण….

    October 13, 2026

    आजादी के बाद पहली बार ग्राम चांगेर में पहुंची विकास की रोशनी, विद्युतीकरण से रोशन हुआ ग्राम चांगेर के 23 घर….

    October 13, 2026

    सड़क सुरक्षा का संदेश लेकर सूरजपुर में दौड़े 800 प्रतिभागी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बाइक रैली में हुए शामिल….

    October 13, 2026

    सेवा संकल्प अभियान : बंगोली में जनचौपाल लगाकर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं….

    October 13, 2026
    RO.No :-14063/47
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन से छत्तीसगढ़ के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

    October 13, 2026

    वृक्षों के पातन और लॉगिंग पर आयोजित हुई वर्कशॉप, उन्नत तकनीकों के साथ श्रमिक सुरक्षा पर जोर, वन विकास निगम ने कवर्धा में मैदानी अमले को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण….

    October 13, 2026

    वृक्षों के पातन और लॉगिंग पर आयोजित हुई वर्कशॉप, उन्नत तकनीकों के साथ श्रमिक सुरक्षा पर जोर, वन विकास निगम ने कवर्धा में मैदानी अमले को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण….

    October 13, 2026

    आजादी के बाद पहली बार ग्राम चांगेर में पहुंची विकास की रोशनी, विद्युतीकरण से रोशन हुआ ग्राम चांगेर के 23 घर….

    October 13, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Faraha Niyazi
    मोबाइल - 8889278888
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Royal Garden , LIC Road Kangoli, Jagdalpur - 494001
    October 2026
    M T W T F S S
     1234
    567891011
    12131415161718
    19202122232425
    262728293031  
    « Sep    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.