Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Taaja Khabar
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Taaja Khabar
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»​डिजिटल क्रांति की ओर छत्तीसगढ़, ‘वसुंधरा’ परियोजना से राजस्व सेवाओं में पारदर्शी और सुरक्षित होगा नया सवेरा….
    छत्तीसगढ़

    ​डिजिटल क्रांति की ओर छत्तीसगढ़, ‘वसुंधरा’ परियोजना से राजस्व सेवाओं में पारदर्शी और सुरक्षित होगा नया सवेरा….

    News DeskBy News DeskJuly 31, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग द्वारा प्रदेश के नागरिकों को सुगम, त्वरित और पारदर्शी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। ‘वसुंधरा’ (Verified Accessible System for Unified Digital Land Records & Historical Archives) परियोजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों और तहसीलों के पुराने एवं वर्तमान राजस्व अभिलेखों का संपूर्ण डिजिटलीकरण, संरक्षण तथा प्रमाणीकरण किया जाएगा। छत्तीसगढ़ में ‘वसुंधरा परियोजना’ के तहत राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे खसरा, बी-1 और ऋण पुस्तिका जैसे भूमि दस्तावेज कुछ ही सेकंड में व्हाट्सएप और ऑनलाइन माध्यमों से सुरक्षित व पारदर्शी रूप से नागरिकों को मिल रहे हैं।

    ​दंतेवाड़ा का सफल मॉडल बना प्रेरणा

    इस महत्वाकांक्षी योजना की नींव दंतेवाड़ा जिले में सफलतापूर्वक क्रियान्वित किए गए मॉडल पर रखी गई है। दंतेवाड़ा में पिछले एक वर्ष के दौरान 12 हजार से अधिक नागरिकों ने कियोस्क सेवाओं का लाभ उठाया और 15 हजार से अधिक जाति प्रमाण-पत्र मात्र एक से दो दिनों में जारी किए गए। इसके साथ ही सैकड़ों विवादित मामलों का त्वरित निराकरण संभव हुआ और अभिलेखों में छेड़छाड़ का एक भी मामला सामने नहीं आया।

    12.89 करोड़ पृष्ठों के डिजिटलीकरण का विशाल लक्ष्य

    दंतेवाड़ा के इसी सफल प्रयोग के आधार पर अब पूरे राज्य में लगभग 12 करोड़ 89 लाख पृष्ठों के विभिन्न राजस्व अभिलेखों को डिजिटाइज़ करने का विस्तृत खाका तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत 22.72 करोड़ रुपए की लागत से 5.68 करोड़ पृष्ठ खसरा पांचसाला, 11.77 करोड़ रुपए की लागत से 2.94 करोड़ पृष्ठ B-1 रिकॉर्ड, 9.98 करोड़ रुपए की लागत से 2.49 करोड़ पृष्ठ नामांतरण व संशोधन पंजी, 2.13 करोड़ रुपए की लागत से 53.16 लाख पृष्ठ मिसल पंजी और 1.89 करोड़ रुपए की लागत से 47.29 लाख पृष्ठ अधिकार अभिलेख शामिल हैं। इसके अतिरिक्त निस्तार पत्रक, वाजिब-उल-अर्ज, रीनंबरिंग सूची, साधारण खसरा, नजूल शीट एवं व्यवर्तन पंजी जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी डिजिटल रूप से सुरक्षित किया जाएगा।

    ​मजबूत वित्तीय संरचना और चरणबद्ध समयसीमा

    इस विशाल परियोजना के क्रियान्वयन के लिए 65.41 करोड़ रुपए की कुल एकमुश्त पूंजीगत लागत (CAPEX) और 50 लाख रूपए प्रति वर्ष का परिचालन व्यय (OPEX) तय किया गया है, जिसकी वित्तीय व्यवस्था राज्य के अधोसंरचना मद और केंद्र सरकार की DILRMP 3.0 योजना से की जाएगी। योजना के तहत राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के सहयोग से अगले तीन महीनों के भीतर वसुंधरा पोर्टल और मोबाइल ऐप तैयार किया जाएगा, जिसके बाद कार्यदायी एजेंसियों का चयन कर एक वर्ष के भीतर सभी अभिलेखों के डिजिटलीकरण और सत्यापन का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।

    आधुनिकतम तकनीक से लैस और पूरी तरह सुरक्षित

    ​’वसुंधरा’ परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसमें आधुनिकतम तकनीकों का समावेश है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित OCR, डॉक्यूमेंट क्लासिफिकेशन और स्मार्ट सर्च इंजन की मदद से दशकों पुराने रिकॉर्ड भी पलक झपकते ही खोजे जा सकेंगे। वहीं अभिलेखों में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या हेरफेर को रोकने के लिए ब्लॉकचेन आधारित सुरक्षा, डिजिटल हस्ताक्षर और यूनिक QR व बारकोड प्रणाली लागू की जाएगी। दस्तावेजों के ऑनलाइन होने से रिकॉर्ड में किसी भी तरह के अवैध बदलाव या छेड़छाड़ की गुंजाइश खत्म होना।

    ​नागरिकों को मिलेगी दफ्तरों के चक्करों से आजादी

    इस योजना के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद वर्तमान में नकल प्राप्ति में लगने वाला 3 से 7 दिनों का समय घटकर मात्र कुछ मिनटों का रह जाएगा और यह सेवा नागरिकों को 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। घर बैठे कुछ ही पलों में जमीन के जरूरी दस्तावेज प्राप्त किया जा सकेगा । नागरिक अब वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, लोक सेवा केंद्रों और कियोस्क के माध्यम से घर बैठे प्रमाणित अभिलेख प्राप्त कर सकेंगे। सुगम ऑनलाइन पेमेंट गेटवे और अधिकारियों के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाओं से आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी। छत्तीसगढ़ सरकार का यह नवाचार न केवल भूमि विवादों और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह अंकुश लगाएगा, बल्कि राज्य में डिजिटल गवर्नेंस और सुशासन के एक नए युग का सूत्रपात भी करेगा।

    News Desk

    Related Posts

    मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन से छत्तीसगढ़ के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

    October 13, 2026

    वृक्षों के पातन और लॉगिंग पर आयोजित हुई वर्कशॉप, उन्नत तकनीकों के साथ श्रमिक सुरक्षा पर जोर, वन विकास निगम ने कवर्धा में मैदानी अमले को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण….

    October 13, 2026

    वृक्षों के पातन और लॉगिंग पर आयोजित हुई वर्कशॉप, उन्नत तकनीकों के साथ श्रमिक सुरक्षा पर जोर, वन विकास निगम ने कवर्धा में मैदानी अमले को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण….

    October 13, 2026

    आजादी के बाद पहली बार ग्राम चांगेर में पहुंची विकास की रोशनी, विद्युतीकरण से रोशन हुआ ग्राम चांगेर के 23 घर….

    October 13, 2026

    सड़क सुरक्षा का संदेश लेकर सूरजपुर में दौड़े 800 प्रतिभागी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बाइक रैली में हुए शामिल….

    October 13, 2026

    सेवा संकल्प अभियान : बंगोली में जनचौपाल लगाकर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं….

    October 13, 2026
    RO.No :-14063/47
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन से छत्तीसगढ़ के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

    October 13, 2026

    वृक्षों के पातन और लॉगिंग पर आयोजित हुई वर्कशॉप, उन्नत तकनीकों के साथ श्रमिक सुरक्षा पर जोर, वन विकास निगम ने कवर्धा में मैदानी अमले को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण….

    October 13, 2026

    वृक्षों के पातन और लॉगिंग पर आयोजित हुई वर्कशॉप, उन्नत तकनीकों के साथ श्रमिक सुरक्षा पर जोर, वन विकास निगम ने कवर्धा में मैदानी अमले को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण….

    October 13, 2026

    आजादी के बाद पहली बार ग्राम चांगेर में पहुंची विकास की रोशनी, विद्युतीकरण से रोशन हुआ ग्राम चांगेर के 23 घर….

    October 13, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Faraha Niyazi
    मोबाइल - 8889278888
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Royal Garden , LIC Road Kangoli, Jagdalpur - 494001
    October 2026
    M T W T F S S
     1234
    567891011
    12131415161718
    19202122232425
    262728293031  
    « Sep    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.