Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Taaja Khabar
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Taaja Khabar
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»दशकों तक नक्सल हिंसा ने विकास, शिक्षा और जनजीवन को किया प्रभावित, अब बस्तर शांति और विश्वास के नए दौर की ओर अग्रसर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…..
    छत्तीसगढ़

    दशकों तक नक्सल हिंसा ने विकास, शिक्षा और जनजीवन को किया प्रभावित, अब बस्तर शांति और विश्वास के नए दौर की ओर अग्रसर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…..

    News DeskBy News DeskJuly 15, 2026No Comments7 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में नक्सलवाद से मुक्ति के लिए केंद्र सरकार के ऐतिहासिक सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने दशकों तक नक्सल हिंसा के रूप में एक गंभीर चुनौती का सामना किया है। अब केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस तथा बस्तर की जनता के विश्वास और सहयोग से प्रदेश इस चुनौती से निर्णायक रूप से मुक्त होकर शांति, सुरक्षा और विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि यह सफलता अनेक वर्षों के सतत प्रयासों, सुनियोजित रणनीति, सुरक्षा बलों के पराक्रम तथा आम नागरिकों के सहयोग का परिणाम है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका त्याग और समर्पण सदैव राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला पुलिस बल, विशेष सुरक्षा इकाइयों तथा अभियान में सहभागी सभी सुरक्षा एजेंसियों के साहस, समर्पण और व्यावसायिक दक्षता की सराहना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए समन्वित सुरक्षा एवं विकास आधारित रणनीति अपनाई। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा अभियानों की सतत समीक्षा, संसाधनों की उपलब्धता तथा केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया, जिससे अभियान को अपेक्षित गति मिली।

    उन्होंने कहा कि 24 अगस्त 2024 को रायपुर में आयोजित नक्सल प्रभावित राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की उच्च स्तरीय बैठक के बाद नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की गई। इसके अनुरूप सुरक्षा अभियानों को गति देने के साथ-साथ विकास कार्यों का भी समानांतर विस्तार किया गया।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भी अभियान की नियमित समीक्षा की। स्वयं उन्होंने बस्तर क्षेत्र का लगातार दौरा कर सुरक्षा बलों का उत्साहवर्धन किया तथा विभिन्न गांवों में पहुंचकर स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित किया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ समाज के उन लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने पर भी विशेष बल दिया, जिन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने की इच्छा व्यक्त की। इसी उद्देश्य से आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए व्यापक और मानवीय नीति लागू की गई।

    उन्होंने कहा कि पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता, भूमि, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार तथा सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध कराए गए। इससे बड़ी संख्या में लोगों ने हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति केवल पुनर्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा में कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति का अभियान केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दी गई। राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि जिन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो रही है, वहां शासन की योजनाएं और बुनियादी सुविधाएं भी तेजी से पहुंचें, ताकि लोगों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन आए।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब राज्य सरकार का पूरा ध्यान बस्तर के समग्र, समावेशी और दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित है। इसके लिए ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से बस्तर को देश के अग्रणी जनजातीय संभाग के रूप में विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ तथा ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के अंतर्गत 31 योजनाओं एवं 14 सामुदायिक सुविधाओं का संतृप्तिकरण (सेचुरेशन) मोड में क्रियान्वयन किया जा रहा है। इससे 5 हजार 542 गांवों के 39 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और शासन की सेवाएं अंतिम छोर तक पहुंचेंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा शिविरों को अब बहुआयामी सेवा केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन्हें ‘शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित करते हुए नागरिक सुविधाओं, जनसेवाओं और आजीविका गतिविधियों का केंद्र बनाया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में आवश्यक सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें।

    उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत बस्तर के 34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया गया है। इससे नागरिकों को समयबद्ध एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘नियद नेल्ला नार’ योजना इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। इस योजना के अंतर्गत सुरक्षा कैंपों के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 525 गांवों में 17 विभागों की 43 व्यक्तिगत एवं सामुदायिक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। इससे ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ एकीकृत रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है तथा प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ है।

    उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का संतृप्तिकरण (सेचुरेशन) सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। इसके परिणामस्वरूप 6 लाख 79 हजार परिवारों के राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं। बस्तर संभाग में 17 लाख लोगों के जनधन खाते खोले जा चुके हैं। 24 लाख 66 हजार लोगों के आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं। 22 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। 1 लाख 18 हजार लोगों को व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र प्रदान किए गए हैं। साथ ही 3 लाख 89 हजार किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जा चुके हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग में 1 लाख 76 हजार प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग के 240 नक्सल प्रभावित गांवों में पूर्व में बंद पड़े 458 विद्यालयों में से 421 विद्यालयों का पुनः संचालन प्रारंभ किया गया है तथा 36 नए विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार को भी तेज गति से आगे बढ़ा रही है। 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना पर कार्य जारी है, जिससे बस्तर की रेल संपर्क व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि जगदलपुर में हवाई सेवाओं का भी विस्तार किया गया है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बेहतर हुई है।

    उन्होंने कहा कि रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे का निर्माण अंतिम चरण में है। यह परियोजना बस्तर को देश के प्रमुख आर्थिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ने के साथ-साथ पर्यटन, व्यापार और निवेश को भी नई गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने के लिए बस्तर संभाग के सभी विकासखंडों में कौशल प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि खेल एवं संस्कृति के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक तथा बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजन किए गए। इन आयोजनों में 4 लाख से अधिक लोगों की सहभागिता हुई, जिससे सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक गौरव और जनभागीदारी को नई मजबूती मिली। उन्होंने गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप और जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव के नक्सल उन्मूलन की लड़ाई में योगदान की सराहना की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना नहीं है, बल्कि बस्तर के लोगों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है। सुरक्षा, विकास और जनकल्याण की एकीकृत रणनीति के माध्यम से बस्तर आज विश्वास, अवसर और समृद्धि की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    News Desk

    Related Posts

    जनजातीय गौरव दिवस पर राज्य स्तरीय चित्रकला और फोटोग्राफी प्रतियोगिता, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिभागी ले सकेंगे हिस्सा….

    October 18, 2026

    फसल सुरक्षा के लिए कृषि विभाग की विशेष पहल, कीट-रोगों की पहचान से नियंत्रण तक किसानों को मिलेगा वैज्ञानिक मार्गदर्शन: कृषि मंत्री रामविचार नेताम…..

    October 18, 2026

    भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचने की योजना संबंधी खबरें असत्य एवं भ्रामक, अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील….

    October 18, 2026

    अर्बन चैलेंज फंड पर 21 अक्टूबर को होगी क्षेत्रीय कार्यशाला, CM विष्णु देव साय करेंगे शुभारंभ…..

    October 18, 2026

    महाअष्टमी पर चलगली क्षेत्र को मंत्री रामविचार नेताम का बड़ी सौगात मोरन नदी पर 5.91 करोड़ की लागत से बनेगा उच्चस्तरीय पुल…..

    October 18, 2026

    छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आधिकारिक स्ट्रीमिंग पार्टनर बना जियोहॉटस्टार, रायपुर के मैदान से पूरी दुनिया देखेगी राज्य के खिलाड़ियों का हुनर…..

    October 18, 2026
    RO.No :-14063/47
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    जनजातीय गौरव दिवस पर राज्य स्तरीय चित्रकला और फोटोग्राफी प्रतियोगिता, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिभागी ले सकेंगे हिस्सा….

    October 18, 2026

    फसल सुरक्षा के लिए कृषि विभाग की विशेष पहल, कीट-रोगों की पहचान से नियंत्रण तक किसानों को मिलेगा वैज्ञानिक मार्गदर्शन: कृषि मंत्री रामविचार नेताम…..

    October 18, 2026

    भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचने की योजना संबंधी खबरें असत्य एवं भ्रामक, अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील….

    October 18, 2026

    अर्बन चैलेंज फंड पर 21 अक्टूबर को होगी क्षेत्रीय कार्यशाला, CM विष्णु देव साय करेंगे शुभारंभ…..

    October 18, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Faraha Niyazi
    मोबाइल - 8889278888
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Royal Garden , LIC Road Kangoli, Jagdalpur - 494001
    October 2026
    M T W T F S S
     1234
    567891011
    12131415161718
    19202122232425
    262728293031  
    « Sep    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.