Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Taaja Khabar
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Taaja Khabar
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के बाद सामुदायिक पावर हाउस के रूप में जाने जाएंगे सिद्दी पहलवान…..
    छत्तीसगढ़

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के बाद सामुदायिक पावर हाउस के रूप में जाने जाएंगे सिद्दी पहलवान…..

    News DeskBy News DeskApril 4, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर: ‘प्रतिभा को किसी परिचय की जरूरत नहीं होती’- यह कहावत ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स- 2026’ में सच साबित हुई, जहां कर्नाटक के ‘सिद्दी समुदाय’ के पहलवानों ने मैट पर अपनी जबरदस्त छाप छोड़ी है। उनकी यह सफलता अब सिर्फ़ पदकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समुदाय के कुश्ती के क्षेत्र में एक ताकत के तौर पर उभरने का प्रतीक है। अफ़्रीकी मूल के भारत में लगभग 50,000 सिद्दी लोग रहते हैं, जिनमें से एक-तिहाई कर्नाटक में निवास करते हैं।

    खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में कर्नाटक के 9 पहलवानों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 4 सिद्दी समुदाय से थे। इन चार पहलवानों में से तीन ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया जबकि एक को रजत पदक मिला। स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवानों में मनीषा जुआवा सिद्दी (76 किग्रा), रोहन एम डोड़ामणि (ग्रीको रोमन 60 किग्रा) और प्रिंसिता पेदरू फर्नांडिस सिद्दी (68 किग्रा) शामिल हैं जबकि शालिना सेयर सिद्दी (57 किग्रा) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

    इन पहलवानों की सफलता न सिर्फ उनके संघर्ष और मेहनत की कहानी कहती है, बल्कि कुश्ती जैसे खेलो में सिद्दी समुदाय के बढ़ते वर्चस्व को भी दिखाता है। कर्नाटक के इन चारों पहलवानों का दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में ट्रायल हुआ था और वहां भी ये पहले नंबर पर रहे थे। सिद्दी समुदाय के प्रदर्शन से कर्नाटक कुश्ती टीम की कोच ममता बेहद गौरवान्वित महसूस कर रही हैं।

    ममता ने कहा, ”जैसे हमारे देश में कुश्ती में हरियाणा का दबदबा है तो ठीक वैसे ही हमारे राज्य में अहलियाल क्षेत्र का कुश्ती में वर्चस्व रहता है। राज्य में डिपार्टमेंट ऑफ यूथ एंड डेवलपमेंट एंड सेंटर मुख्य रूप से इन्हीं सिद्दी समुदाय के लिए है। इनके बच्चे यहीं पर ट्रेनिंग करते हैं। पिछले कुछ समय से इस समुदाय के लोगों के अंदर कुश्ती का क्रेज बढ़ा है और वे अब अपने बच्चों को कुश्ती में भेजने लगे हैं।

    सिद्दी समुदाय के पहलवानों ने जीते तीन स्वर्ण और एक रजत पदक

    उत्तरी कर्नाटक के धारवाड़ जिले से आने वाले पुरुष पहलवान रोहन एम. डोड़ामणि भी इसी समुदाय से आते हैं। डोड़ामणि की मां सरकारी स्कूल में खाना पकाती हैं जबकि पिता का छह साल पहले ही देहांत हो चुका है।

    रोहन ने कहा, “सिद्दी समुदाय के अंदर समय-समय पर छोटे दंगल होते रहते हैं और जो इनमें जीतता है, उन्हें ज्यादा से ज्यादा पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जाता है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 में स्वर्ण जीतने से पहले मैं सीनियर नेशनल चैंपियनशिप, नेशनल गेम्स और ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में भी भाग ले चुका हूं।”

    देश में खिलाड़ियों के अंदर छिपी प्रतिभा की पहचान करने और उन्हें एक बेहतर मंच देने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और खेल मंत्रालय ने मिलकर 2018 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स की शुरुआत की थी। उसके बाद खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत हुई है।

    साई के टैलेंट डेवलपमेंट कमेटी के सदस्य महा सिंह राव कहते हैं, ” साई और खेल मंत्रालय की तरफ से हम कम उम्र के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करते हैं ताकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जो सपना है कि 2036 ओलंपिक खेल भारत में हो, उस सपने को साकार करने के लिए ये सरकार की रणनीति का एक हिस्सा है। प्रधानमंत्री के अलावा खेल मंत्री, साई और हम इस सपने को साकार करने में लगे हुए हैं कि आगे आने वाले ओलंपिक खेलों में हम ज्यादा से ज्यादा मेडल जीते।”

    उत्तर कन्नड़ कारवार जिले से आने वाली शालिना सेयर सिद्दी ने इस प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने के बाद कहा, ”हमारे समुदाय में कुश्ती को लेकर अब लोग दिलचस्पी लेने लगे हैं। मैंने अपने अंकल के कहने पर कुश्ती शुरू की थी और शुरू से ही वह मुझे ट्रेनिंग देते आ रहे हैं। मैंने इस प्रतियोगिता के लिए मेहनत तो पूरी की थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और मैं स्वर्ण जीतने से चूक गई।”

    कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ कारवार जिले से ही आने वाली प्रिंसिता सिद्दी ने कहा, ”शुरुआत में मुझे कुश्ती में दिलचस्पी नहीं थी और मैं बहुत रोई थी। लेकिन फिर धीरे-धीरे जब हमारे समुदाय के बच्चे इसमें भाग लेने लगे तो उन्हें देखकर मैं भी प्रैक्टिस करने लगी। यहां तक पहुंचने के लिए मैं शाम-सुबह दो-दो घंटे प्रैक्टिस करती हूं। मुझे इंटरनेशनल लेवल पर मेडल लाना है और इसके लिए मैं कड़ी मेहनत कर रही हूं।”

    इन पहलवानों की सफलता इस बात को सिद्ध करती है कि जब सही मंच, ट्रेनिंग और सपोर्ट मिलता है, तो दूरदराज के समुदायों से भी प्रतिभाएं शिखर तक पहुंच सकती हैं और भारत के खेल भविष्य को आकार दे सकती हैं।

    News Desk

    Related Posts

    सेवा का संकल्प, विकास की धार : नगरी के पंडरवाही में घर-घर नल से बह रही खुशहाली…..

    September 21, 2026

    सरकार की ‘बिजली बिल समाधान योजना’, धमतरी के विशाल परिवार के लिए बनी नई सुबह, बकाया मुक्त जीवन की ओर बढ़ता कदम…..

    September 21, 2026

    ’सेवा की कहानी: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से रीता की रसोई हुई धुआंमुक्त, खेती-बाड़ी के लिए बचने लगा समय’…..

    September 21, 2026

    पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट से रचना सोनी ने बचाए 35 हजार रुपये, अपने नाम संपत्ति होने से बढ़ा आत्मविश्वास, बची राशि से परिवार की आर्थिक योजना को मिली मजबूती…..

    September 21, 2026

    फोटो कॉपी, मशरूम और महुआ व्यवसाय ने बदली बबली की जिंदगी, बिहान से मिली उड़ान, साय सरकार की योजनाओं से मजबूत हुआ आत्मविश्वास…..

    September 21, 2026

    प्रधानमंत्री आवास योजना से रामप्रकाश के पक्के घर का सपना हुआ साकार, पक्का घर मिलने से बदली जीवन की तस्वीर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन से साकार हो रहे जरूरतमंदों के सपने….

    September 21, 2026
    RO.No :-14063/47
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    सेवा का संकल्प, विकास की धार : नगरी के पंडरवाही में घर-घर नल से बह रही खुशहाली…..

    September 21, 2026

    सरकार की ‘बिजली बिल समाधान योजना’, धमतरी के विशाल परिवार के लिए बनी नई सुबह, बकाया मुक्त जीवन की ओर बढ़ता कदम…..

    September 21, 2026

    ’सेवा की कहानी: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से रीता की रसोई हुई धुआंमुक्त, खेती-बाड़ी के लिए बचने लगा समय’…..

    September 21, 2026

    पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट से रचना सोनी ने बचाए 35 हजार रुपये, अपने नाम संपत्ति होने से बढ़ा आत्मविश्वास, बची राशि से परिवार की आर्थिक योजना को मिली मजबूती…..

    September 21, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Faraha Niyazi
    मोबाइल - 8889278888
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Royal Garden , LIC Road Kangoli, Jagdalpur - 494001
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.