Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Taaja Khabar
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Taaja Khabar
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»शांति, विश्वास और विकास का संदेश: बस्तर हेरिटेज मैराथन से गूंजेगी बदलाव की नई आहट….
    छत्तीसगढ़

    शांति, विश्वास और विकास का संदेश: बस्तर हेरिटेज मैराथन से गूंजेगी बदलाव की नई आहट….

    News DeskBy News DeskMarch 20, 2026No Comments7 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर: बस्तर में आपका स्वागत है, जहाँ विरासत जीवंत है और प्रकृति साँस लेती है। बस्तर हेरिटेज मैराथन में प्राचीन वन, जीवंत आदिवासी संस्कृति और मनमोहक परिदृश्य समाहित हैं। धावक साल के पेड़ों से घिरे सुरम्य मार्गों और प्राचीन गाँवों से गुजरेंगे, और हर कदम पर बस्तर की सुंदरता का अनुभव करेंगे। छत्तीसगढ़ के बस्तर में रोमांच और प्रकृति के बीच एक खास आयोजन होने जा रहा है। 22 मार्च 2026 को बस्तर हेरिटेज मैराथन  2026 का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के धावक हिस्सा ले सकेंगे। इस मैराथन की शुरुआत जगदलपुर के लाल बाग मैदान से होगी और फिनिश लाइन एशिया के नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट जलप्रपात पर होगी। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि की घोषणा की गई है।

    हिंसा की राह छोड़, उम्मीदों की दौड़, बस्तर नई पहचान की ओर

    बस्तर की शांत वादियों में इस बार केवल प्रकृति का संगीत नहीं, बल्कि बदलाव और विकास के संकल्प की एक अभूतपूर्व गूँज सुनाई देने वाली है।  इस मैराथन की सबसे गौरवशाली और मानवीय तस्वीर उन आत्म-समर्पित माओवादियों के रूप में उभर कर सामने आ रही है, जो कभी दुर्गम जंगलों के अंधेरों में भटकते थे, लेकिन अब समाज की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा बनकर इस खेल महाकुंभ में अपनी शारीरिक शक्ति और जीवटता का परिचय देने को बेताब हैं। हिंसा का मार्ग त्याग कर शांति की राह चुनने वाले इन युवाओं का यह उत्साह इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि बस्तर अब पुराने संघर्षों के साये से बाहर निकलकर खेल, साहस और शौर्य के वैश्विक मंच पर अपनी एक नई और सकारात्मक पहचान गढ़ रहा है।

    इस मैराथन में 42 कि.मी., 21 कि.मी., 10 कि.मी. और 5 कि.मी. जैसी अलग-अलग कैटेगरी रखी गई हैं, ताकि हर स्तर के रनर्स इसमें भाग ले सकें। प्रतियोगिता में 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी रखी गई है और बस्तर संभाग के धावकों के लिए अलग से पुरस्कार की व्यवस्था की गई है। यह आयोजन बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती, संस्कृति और खेल भावना को एक साथ जोड़ने का खास मौका बनने जा रहा है।

    हिंसा की राह छोड़, उम्मीदों की दौड़, बस्तर नई पहचान की ओर

    बस्तर की फिजाओं में अब हिंसा के बारूद की नहीं, बल्कि उम्मीदों और सपनों की उड़ान की खुशबू तैर रही है। कभी जिन हाथों में बंदूकें हुआ करती थीं और जो पैर घने जंगलों की खाक छानते थे, वे अब बस्तर मैराथन के ट्रैक पर अपनी किस्मत आजमाने और एक नई पहचान बनाने को पूरी तरह तैयार हैं। दंतेवाड़ा के लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान और पूना मारगेम” (पुनर्वास से पुनर्जीवन) जैसे प्रभावी पुनर्वास कार्यक्रमों के माध्यम से दर्जनों पूर्व नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में शामिल होने का ऐतिहासिक फैसला किया है। शासन की कल्याणकारी पुनर्वास नीति के तहत ये युवा अब अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग कर रहे हैं और जंगल की संकरी पगडंडियों पर छिपने के बजाय मैराथन की फिनिशिंग लाइन को छूने का लक्ष्य लेकर कड़ी ट्रेनिंग ले रहे हैं।

    स्थानीय खेल मैदानों में आयोजित अभ्यास सत्रों के दौरान इन युवाओं का जोश देखते ही बनता है, जहाँ पसीने से तर-बतर चेहरे और दृढ़ संकल्प वाली आँखें बस्तर के बदलते स्वरूप की गवाही दे रही हैं। प्रशिक्षकों का मानना है कि इन युवाओं में अदम्य साहस और बेमिसाल स्टेमिना है, जिसे अब आधुनिक रनिंग तकनीकों के माध्यम से तराशा जा रहा है ताकि वे न केवल दौड़ें, बल्कि जीत का परचम भी लहरा सकें। इस बदलाव का मानवीय पक्ष तब और उभर कर आता है जब शिविर की महिला प्रतिभागी भावुक होकर बताती हैं कि डर के साये से निकलकर अब उन्हें समाज में सम्मान और सुरक्षा मिल रही है। यह अनूठी पहल केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जंगल की हिंसा और भटकाव को पीछे छोड़कर एथलेटिक्स में करियर बनाने का एक सुनहरा अवसर है। अनुभवी कोचों द्वारा दी जा रही प्रोफेशनल ट्रेनिंग इन युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बना रही है, जिससे वे स्थानीय समुदाय के साथ जुड़कर एक नई पहचान तलाश रहे हैं।

    हिंसा की राह छोड़, उम्मीदों की दौड़, बस्तर नई पहचान की ओर

    अंततः यह प्रयास बस्तर में शांति, विश्वास और प्रगति का एक सशक्त संदेश दे रहा है, जहाँ पूरा दंतेवाड़ा इन युवाओं के हौसले को सलाम करते हुए मैराथन के ट्रैक पर उनकी ऐतिहासिक जीत की राह देख रहा है। इस मैराथन के माध्यम से ये पूर्व माओवादी न केवल अपनी दमखम का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि पूरी दुनिया को यह संदेश भी देंगे कि यदि सही दिशा और अवसर मिले, तो बस्तर का हर हाथ राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण सहभागी बन सकता है। ऐतिहासिक लालबाग मैदान की मिट्टी से शुरू होकर विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के कल-कल करते तटों पर समाप्त होने वाली यह 42 किलोमीटर की श्फुल मैराथन इन समर्पित युवाओं की भागीदारी को विशेष रूप से रेखांकित करेगी।

    आयोजन को पूरी तरह समावेशी बनाने के उद्देश्य से इसमें 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर की दौड़ और 5 किलोमीटर की श्फन रनश् जैसी श्रेणियां भी रखी गई हैं, जहाँ बस्तर के स्थानीय धावकों और मुख्यधारा में लौटे इन युवाओं का एक अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन ने 25 लाख रुपये की विशाल इनामी राशि की घोषणा की है, जिसमें बस्तर कैटेगरी के विशेष प्रावधानों ने स्थानीय समुदायों के साथ-साथ इन युवाओं के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार किया है। विशेषकर 10 किलोमीटर की श्रेणी में जूनियर और ओपन वर्ग के अलग-अलग प्रावधानों ने पहली बार दौड़ने वाले युवाओं और फिटनेस प्रेमियों के बीच जबरदस्त आकर्षण पैदा किया है। स्थानीय सहभागिता को अधिकतम करने के लिए बस्तर जिले के सभी धावकों हेतु पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है, ताकि कोई भी प्रतिभा आर्थिक तंगी के कारण इस ऐतिहासिक अवसर से वंचित न रह जाए।

    इच्छुक खिलाड़ी आधिकारिक वेबसाइट www.bastarheritage.run या जारी विज्ञापनों में उपलब्ध क्यूआर कोड के माध्यम से अपना स्थान सुरक्षित कर सकते हैं, जबकि किसी भी प्रकार की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर +91-92440-79533 भी सक्रिय कर दिया गया है। निश्चित रूप से, 22 मार्च को जब ये धावक चित्रकोट की लहरों के साथ कदमताल करेंगे, तो वे केवल फिनिश लाइन की ओर नहीं भाग रहे होंगे, बल्कि बस्तर के एक नए, शांतिपूर्ण और प्रगतिशील भविष्य की पटकथा लिख रहे होंगे।

    22 मार्च 2026 (रविवार) को जगदलपुर से चित्रकोट तक आयोजित होने वाली बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 में बस्तर संभाग के सभी सात जिलोंकृसुकमा, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कांकेर एवं कोंडागांव से 200 से अधिक पुनर्वासित माओवादी कैडर उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। इस आयोजन में उनके साथ-साथ विभिन्न वर्गों के प्रतिभागी, पेशेवर एवं स्थानीय एथलीट, युवा, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में नागरिक भी सम्मिलित हो रहे हैं। यह मैराथन खेल भावना के साथ-साथ बस्तर में शांति, एकता एवं सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभर रही है।

    आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों की यह सक्रिय सहभागिता “पूना मारगेम” (पुनर्वास से पुनर्जीवन) की अवधारणा को साकार रूप देती है, जो शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का मूल उद्देश्य है। “पूना मारगेम” के माध्यम से इन कैडरों को हिंसा के मार्ग से हटाकर समाज की मुख्यधारा में जोड़ने, उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करने तथा नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। मैराथन जैसे आयोजनों में उनकी भागीदारी इस सकारात्मक बदलाव का सशक्त उदाहरण है। बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026 का उद्देश्य बस्तर क्षेत्र को एक नई पहचान देना, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना तथा बस्तर की सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना है।

    आत्मसमर्पित कैडरों, स्थानीय नागरिकों एवं एथलीट्स की संयुक्त सहभागिता इस आयोजन को और अधिक प्रेरणादायक बना रही है। यह पहल स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि बस्तर अब विकास, विश्वास एवं नई संभावनाओं की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां “पूना मारगेम” के माध्यम से हिंसा का राह छोड़, उम्मीदों की दौड़ का अवसर मिल रहा है।

    News Desk

    Related Posts

    सेवा का संकल्प, विकास की धार : नगरी के पंडरवाही में घर-घर नल से बह रही खुशहाली…..

    September 21, 2026

    सरकार की ‘बिजली बिल समाधान योजना’, धमतरी के विशाल परिवार के लिए बनी नई सुबह, बकाया मुक्त जीवन की ओर बढ़ता कदम…..

    September 21, 2026

    ’सेवा की कहानी: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से रीता की रसोई हुई धुआंमुक्त, खेती-बाड़ी के लिए बचने लगा समय’…..

    September 21, 2026

    पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट से रचना सोनी ने बचाए 35 हजार रुपये, अपने नाम संपत्ति होने से बढ़ा आत्मविश्वास, बची राशि से परिवार की आर्थिक योजना को मिली मजबूती…..

    September 21, 2026

    फोटो कॉपी, मशरूम और महुआ व्यवसाय ने बदली बबली की जिंदगी, बिहान से मिली उड़ान, साय सरकार की योजनाओं से मजबूत हुआ आत्मविश्वास…..

    September 21, 2026

    प्रधानमंत्री आवास योजना से रामप्रकाश के पक्के घर का सपना हुआ साकार, पक्का घर मिलने से बदली जीवन की तस्वीर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन से साकार हो रहे जरूरतमंदों के सपने….

    September 21, 2026
    RO.No :-14063/47
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    सेवा का संकल्प, विकास की धार : नगरी के पंडरवाही में घर-घर नल से बह रही खुशहाली…..

    September 21, 2026

    सरकार की ‘बिजली बिल समाधान योजना’, धमतरी के विशाल परिवार के लिए बनी नई सुबह, बकाया मुक्त जीवन की ओर बढ़ता कदम…..

    September 21, 2026

    ’सेवा की कहानी: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से रीता की रसोई हुई धुआंमुक्त, खेती-बाड़ी के लिए बचने लगा समय’…..

    September 21, 2026

    पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट से रचना सोनी ने बचाए 35 हजार रुपये, अपने नाम संपत्ति होने से बढ़ा आत्मविश्वास, बची राशि से परिवार की आर्थिक योजना को मिली मजबूती…..

    September 21, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Faraha Niyazi
    मोबाइल - 8889278888
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Royal Garden , LIC Road Kangoli, Jagdalpur - 494001
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.