Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Taaja Khabar
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Taaja Khabar
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»मध्यप्रदेश में प्राइवेट स्कूलों की हड़ताल
    मध्यप्रदेश

    मध्यप्रदेश में प्राइवेट स्कूलों की हड़ताल

    News DeskBy News DeskJanuary 30, 2025No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    राजधानी भोपाल में असर नहीं; इंदौर- उज्जैन में दिखा विरोध

    भोपाल । मध्यप्रदेश में गुरूवार को एमपी बोर्ड के पहली से आठवीं कक्षा तक के प्राइवेट स्कूल बंद हैं। बंद का आह्वान एमपी बोर्ड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने किया है। मान्यता के नियम में रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट की शर्त के विरोध में बंद बुलाया गया है। इंदौर, जबलपुर, उज्जैन समेत प्रदेश के अन्य जिलों में बंद का असर देखा जा रहा है। हालांकि, इसका असर राजधानी भोपाल में नहीं देखा गया। प्राइवेट स्कूल संचालक एसोसिएशन के अनुसार इसका प्रभाव शहर से सटे ग्रामीण इलाकों में नजर आया हैं। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि सरकार ने मान्यता के नियमों को बहुत जटिल बना दिया है, जिससे सबसे अधिक कठिनाई ग्रामीण जिलों में हो रही है। वहीं एफडी अमाउंट लिया जा रहा है।सत्र 2025-26 की मान्यता में कई स्कूलों के बंद होने की संभावना है। स्कूल बंद होने से उनमें कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी बेरोजगार हो सकते हैं और इससे जुड़े संस्थान भी प्रभावित होंगे। बच्चों की शिक्षा पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा। वर्तमान में प्राइवेट स्कूलों से राजस्व बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, जबकि पहले शिक्षा के महत्व को समझते हुए मान्यता नियमों को सरल रखा गया था। ऐसे में सवा लाख से अधिक शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों के बेरोजगार होने की संभावना है।

    जबलपुर में जुटे स्कूल संचालक
    जबलपुर में टाउन हॉल में गांधी प्रतिमा के सामने निजी स्कूलों के संचालकों ने विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए एसडीएम अभिषेक सिंह को मांग पत्र सौंपा। प्राइवेट स्कूलों के संचालकों ने बताया कि, शिक्षा विभाग के 40 हजार रुपए डिपॉजिट, 4 हजार रुपए वार्षिक मान्यता शुल्क समेत 12 साल पुरानी स्कूल बसों के संचालन पर रोक लगाने जैसे नियमों में संशोधन किये जाने की मांग की जा रही हैं।

    उज्जैन में स्कूल संचालकों ने की नारेबाजी
    उज्जैन में 50 से ज्यादा स्कूल संचालकों ने अपने-अपने स्कूल बंद कर टावर चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी करते हुए संचालक दशहरा मैदान स्थित शिक्षा विभाग के कार्यालय पहुंचे और डीपीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सभी आदेशों को निरस्त करने की मांग की। अशासकीय शाला संगठन के संभागीय अध्यक्ष एस.एन. शर्मा ने बताया कि मध्य प्रदेश शासन की नई मान्यता नीति उन छोटे-छोटे निजी स्कूलों के अस्तित्व को संकट में डाल रही है, जो सीमित संसाधनों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का प्रयास करते हैं। यदि यह नीति लागू होती है, तो कई छोटे स्कूल बंद होने की कगार पर आ जाएंगे। एमपी बोर्ड से संचालित स्कूलों पर रजिस्टर्ड किरायानामा सहित मान्यता के लिए 40,000 रुपये की सुरक्षा निधि की राशि जमा करने का आदेश आया है, जो अस्वीकार्य है। उज्जैन में 80 फीसदी स्कूल किराए की जगह पर संचालित हो रहे हैं।

    News Desk

    Related Posts

    विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अब कोई बाधा नहीं, विकास की गति होगी और तेज : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

    September 23, 2026

    आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी दे रहे बढ़ावा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….

    September 23, 2026

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं उप मुख्यमंत्री अरूण साव 24 सितंबर को कवर्धा में 4 लेन सड़क एवं डिवाईडर निर्माण का करेंगे भूमिपूजन….

    September 23, 2026

    अबूझमाड़ के बीहड़ों में ‘सेवा संकल्प’ की अलख : पीएम जनमन एमएमयू बनी अंतिम व्यक्ति की संजीवनी…..

    September 23, 2026

    सेवा की कहानी : तीर-धनुष से टेक्नोलॉजी तक किसन की उड़ान, दंतेवाड़ा के जंगलों में बसे गांव का पहला ग्रेजुएट, आज नवा रायपुर में आईटी सेक्टर में बना रहा अपनी पहचान…..

    September 23, 2026

    सेवा संकल्प अभियान : सेवा – योगदान से सामाजिक सरोकार…..

    September 23, 2026
    RO.No :-14063/47
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अब कोई बाधा नहीं, विकास की गति होगी और तेज : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

    September 23, 2026

    आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी दे रहे बढ़ावा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….

    September 23, 2026

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं उप मुख्यमंत्री अरूण साव 24 सितंबर को कवर्धा में 4 लेन सड़क एवं डिवाईडर निर्माण का करेंगे भूमिपूजन….

    September 23, 2026

    अबूझमाड़ के बीहड़ों में ‘सेवा संकल्प’ की अलख : पीएम जनमन एमएमयू बनी अंतिम व्यक्ति की संजीवनी…..

    September 23, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Faraha Niyazi
    मोबाइल - 8889278888
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Royal Garden , LIC Road Kangoli, Jagdalpur - 494001
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.