Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Taaja Khabar
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Taaja Khabar
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»बिजली खरीदी के बोझ से दब रही कंपनियां
    मध्यप्रदेश

    बिजली खरीदी के बोझ से दब रही कंपनियां

    News DeskBy News DeskJanuary 11, 2025No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    भोपाल। भले ही प्रदेश सरकार बिजली उत्पादन को लेकर बड़े -बड़े दावे करे , लेकिन वास्तविकता में स्थिति अलग है। यही वजह है कि साल दर साल प्रदेश के खजाने पर बिजली खरीदने का बोझ बढ़ता ही जा रहा है। इस साल बिजली खरीदी में करीब 5500 करोड़ रुपए का इजाफा होना तय है। इसके साथ ही ब्याज पर ही करीब 1300 करोड़ रुपए का भुगतान करना होगा। इससे हर साल बिजली खरीदी और उससे संबंधित आर्थिक बोझ कम होने की बजाए बढ़ता ही जा रहा है। दरअसल पूर्व की सरकार में बिजली का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर सरकारी प्लांटों की बजाए निजी प्लांटों की ओर शिफ्ट कर दिया गया था, जिसकी वजह से नए सरकारी प्लांट लगाने का काम बंद हो गया है। बावजूद इसके संकट के समय निजी सेक्टर की कंपनियां बिजली आपूर्ति से हाथ खड़े कर देती है। ऐसा दो बार संकटकालीन समय में हो चुका है, लेकिन फिर भी इन निजी कंपनियों पर न कोई जुर्माना लगाया गया और न इनके दीर्घकालीन समझौतों में कोई कमी या अनुबंध खात्मे की कोशिश की गई। कुल मिलाकर बिजली के मामले में एमओयू भी काम नहीं आ रहे हैं। प्रदेश में अप्रैल से शुरू होने वोले वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 40987 करोड़ रुपए की बिजली खरीदी का प्लान है। इसके तहत हर महीने औसत 3100 करोड़ से ज्यादा की बिजली खरीदी जाएगी। इसके अलावा ब्याज पर कुल 1349 करोड़ रुपए सालाना दिए जाएंगे। वहीं इससे पूर्व मौजूदा वित्तीय वर्ष में 35404 करोड़ रुपए की बिजली खरीदी जानी है।

    40 हजार करोड़ की खरीदी, घाटा 4000 करोड़
    बिजली की खरीदी पर 40 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च हो रहे हैं, जबकि बिजली कंपनियां आमदनी और खर्च में करीब 4000 करोड का अंतर ही बता रही है। वह भी तब, जबकि बिना बिजली खरीदी के ही करीब 1200 करोड़ और ब्याज पर 1300 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। यदि दीर्घकालीन समझौतों में कटौती की जाए तो इस राशि को बचाया जा सकता है। इससे आमदनी और खर्च के बीच का अंतर कम होगा। इससे बिजली की दर वृद्धि में कमी की जा सकती है, लेकिन इसे लेकर कोई कदम नहीं उठता। सूबे में सरकारी प्लांटों को घटाकर निजी प्लांटों को बढ़ाया जा रहा है।

    दो बार कंपनियां खड़ी कर चुकी हैं हाथ
    दरअसल, बिजली कंपनियां निजी बिजली कंपनियों से संकट या जरूरत के समय बिजली खरीदी के लिए पहले से एमओयू करती है। लेकिन दो बार ऐसा हो चुका है, जब कोयला संकट छाने के कारण बिजली की जरूरत पड़ी तो निजी बिजली कंपनियों ने भी हाथ खड़े कर दिए कि उनके पास भी कोयला नहीं है। ऐसा वर्ष 2017-18 और 2022 में हो चुका है।

    News Desk

    Related Posts

    धान की जगह रागी की खेती से दिनेश को मिलेगा 10 हजार रुपये का प्रोत्साहन, कृषि विभाग से मिले बीज और तकनीकी मार्गदर्शन से एक एकड़ में तैयार हुई रागी की फसल……

    October 18, 2026

    नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

    October 18, 2026

    नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

    October 18, 2026

    अमर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान से बस्तर में शांति की नई सुबह, वीर जवानों का त्याग सदैव रहेगा स्मरणीय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

    October 17, 2026

    ’ग्रामीण विकास में पंच-सरपंचों की सक्रिय भागीदारी जरूरी- वन मंत्री केदार कश्यप’…..

    October 17, 2026

    ’उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने तीन गांवों में 1.55 करोड़ रुपए के गौरव पथ निर्माण का किया भूमिपूजन’…..

    October 17, 2026
    RO.No :-14063/47
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    धान की जगह रागी की खेती से दिनेश को मिलेगा 10 हजार रुपये का प्रोत्साहन, कृषि विभाग से मिले बीज और तकनीकी मार्गदर्शन से एक एकड़ में तैयार हुई रागी की फसल……

    October 18, 2026

    नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

    October 18, 2026

    नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

    October 18, 2026

    अमर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान से बस्तर में शांति की नई सुबह, वीर जवानों का त्याग सदैव रहेगा स्मरणीय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

    October 17, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Faraha Niyazi
    मोबाइल - 8889278888
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Royal Garden , LIC Road Kangoli, Jagdalpur - 494001
    October 2026
    M T W T F S S
     1234
    567891011
    12131415161718
    19202122232425
    262728293031  
    « Sep    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.