Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Taaja Khabar
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Taaja Khabar
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»सिंचाई के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने वर्ष 2024 में लिखा नया अध्याय
    मध्यप्रदेश

    सिंचाई के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने वर्ष 2024 में लिखा नया अध्याय

    News DeskBy News DeskDecember 30, 2024No Comments6 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    सिंचाई के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने वर्ष 2024 में लिखा नया अध्याय
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अथक प्रयासों के फलस्वरुप वर्ष 2024 में मध्यप्रदेश में सिंचाई के क्षेत्र में नया अध्याय लिखा गया है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई के "नदी जोड़ो" के सपने को साकार करते हुए प्रदेश में देश की दो बड़ी अति महत्वाकांक्षी एवं बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजनों का आगाज हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में 17 दिसंबर को जयपुर में पार्वती- कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना पर मध्य प्रदेश, राजस्थान और केन्द्र सरकार के बीच अनुबंध सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित किए गए। इसी प्रकार प्रधानमंत्री मोदी ने 25 दिसंबर को खजुराहो, छतरपुर में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास किया। केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना, देश में भूमिगत दाब युक्त पाइप सिंचाई प्रणाली अपनाने वाली सबसे पहली और बड़ी सिंचाई परियोजना है।

    मध्यप्रदेश सरकार किसान हितैषी सरकार है। इसे सबसे ज्यादा फिक्र अपने अन्नदाता की रहती है। सरकार निरंतर हर खेत तक पानी पहुंचाने के कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जल संसाधन मंत्री तुलसी राम सिलावट के नेतृत्व में प्रदेश के जल संसाधन विभाग की विभिन्न वृहद, मध्यम एवं सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से मध्य-प्रदेश में निरंतर सिंचाई का रकबा बढ़ रहा है। किसान पहले दो फसल ले पाते थे, अब तीसरी फसल भी लेने लगे हैं। साथ ही कृषि उत्पादन में भी वृध्दि हुई है। प्रदेश की धरती सुजलाम सुफलाम हो रही है।

    सरकार के निरंतर प्रयासों से प्रदेश में सिंचाई के रकबे में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वर्ष 2003 में जहां प्रदेश का सिंचाई रकबा लगभग 3 लाख हेक्टेयर था, आज बढ़कर लगभग 50 लाख हेक्टेयर हो गया है। प्रदेश की निर्मित और निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं से प्रदेश में वर्ष 2025-26 तक सिंचाई का रकबा लगभग 65 लाख हेक्टेयर होने की संभावना है। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की सिंचाई क्षमता 1 करोड़ हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और उसके लिए प्रदेश में तेज गति से कार्य किया जा रहा है। सरकार ने विभाग के लिए बजट में भी पर्याप्त राशि का प्रावधान किया है। वर्ष 2024-25 के बजट में सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण एवं संधारण के लिए 13 हजार 596 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

    इस परियोजना से मध्यप्रदेश के 10 जिलों छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा और सागर में 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी और 44 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे। फसलों के उत्पादन एवं किसानों की आय में वृद्धि से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण से हरित ऊर्जा में 103 मेगावॉट योगदान के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। बेहतर जल प्रबंधन एवं औद्योगिक इकाइयों को पर्याप्त जल आपूर्ति से औद्योगिक विकास होगा और रोजगार को बढ़ावा भी मिलेगा। इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में 59 हजार हेक्टेयर वार्षिक सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी एवं 1.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण किया जायेगा, जिससे उत्तर प्रदेश के महोबा, झांसी, ललितपुर एवं बांदा जिलों में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। परियोजना से मध्यप्रदेश की 44 लाख और उत्तर प्रदेश की 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी

    पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना से मालवा और चंबल क्षेत्र की तस्वीर एवं तकदीर बदलेगी। सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में तरक्की होगी। इस परियोजना से प्रदेश के मालवा और चंबल क्षेत्र में 6 लाख 13 हजार 520 हेक्टेयर में सिंचाई होगी और 40 लाख की आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त लगभग 60 वर्ष पुरानी चंबल दाईं मुख्य नहर एवं वितरण तंत्र प्रणाली के आधुनिकीकरण कार्य से भिंड, मुरैना एवं श्योपुर जिलों के 1205 ग्रामों में 03 लाख 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कृषकों की मांग अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना से प्रदेश के 13 जिलों गुना, मुरैना, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, इंदौर, धार, आगर मालवा, शाजापुर और राजगढ़ जिलों के 3217 ग्रामों को लाभ मिलेगा। पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना मध्यप्रदेश एवं राजस्थान दोनो़ं राज्यों के किसानों और नागरिकों के लिए वरदान साबित होगी। इससे किसानों को भरपूर सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और विकास के नये द्वार खुलेंगे। परियोजना से दोनों राज्यों में समृद्धि आयेगी। परियोजना से मिलने वाले जल से किसान अपनी उपज को दोगुना कर सकेंगे, जिससे उनके परिवार के साथ प्रदेश भी समृद्ध होगा। पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना की अनुमानित लागत 72 हजार करोड़ है, जिसमें मध्यप्रदेश 35 हजार करोड़ और राजस्थान 37 हजार करोड़ रूपये व्यय करेगा। केन्द्र की इस योजना में कुल लागत का 90 प्रतिशत केन्द्रांश और 10 प्रतिशत राज्यांश रहेगा। परियोजना की कुल जल भराव क्षमता 1908.83 घन मीटर होगी। साथ ही 172 मिलियन घन मीटर जल, पेयजल और उद्योगों के लिये आरक्षित रहेगा। परियोजना अंतर्गत 21 बांध/बैराज निर्मित किये जाएंगे। परियोजना से प्रदेश के 13 जिलों गुना, मुरैना, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, इंदौर, धार, आगर मालवा, शाजापुर और राजगढ़ जिलों के 3217 ग्रामों को लाभ मिलेगा। परियोजना मध्यप्रदेश एवं राजस्थान दोनो़ं राज्यों के किसानों और नागरिकों के लिए वरदान साबित होगी। इससे किसानों को भरपूर सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और विकास के नये द्वार खुलेंगे। परियोजना से दोनों राज्यों में समृद्धि आयेगी। परियोजना से मिलने वाले जल से किसान अपनी उपज को दोगुना कर सकेंगे, जिससे उनके परिवार के साथ प्रदेश भी समृद्ध होगा। परियोजना की अनुमानित लागत 72 हजार करोड़ है, जिसमें मध्यप्रदेश 35 हजार करोड़ और राजस्थान 37 हजार करोड़ रूपये व्यय करेगा। केन्द्र की इस योजना में कुल लागत का 90 प्रतिशत केन्द्रांश और 10 प्रतिशत राज्यांश रहेगा। परियोजना की कुल जल भराव क्षमता 1908.83 घन मीटर होगी। साथ ही 172 मिलियन घन मीटर जल, पेयजल और उद्योगों के लिये आरक्षित रहेगा। परियोजना अंतर्गत 21 बांध/बैराज निर्मित किये जाएंगे।

    प्रदेश में "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" के उद्देश्य की पूर्ति के लिए 133 बृहद एवं मध्यम प्रेशराइज्ड सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली आधारित परियोजना निर्माणाधीन हैं। प्रदेश में 1320 करोड रुपए की लागत वाली चितरंगी दाब युक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना स्वीकृत हुई है। इस परियोजना से सिंगरौली जिले में 32125 हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र विकसित होगा। इसी प्रकार 4197 करोड़ 58 लाख रुपए की लागत की जावद नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृत किया गया है। नीमच जिले में इस परियोजना से 18600 हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र विकसित होगा।

    News Desk

    Related Posts

    नेत्रदान को बढ़ावा देने के लिए अम्बेडकर अस्पताल में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित…..

    August 22, 2026

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की, स्वीकृत सड़कों का निर्माण समय-सीमा में पूरा करने और हर घर जल का लक्ष्य सुनिश्चित करने के दिए निर्देश….

    August 22, 2026

    मानव-हाथी द्वंद्व कम करने में हाथी मित्र दल की भूमिका महत्वपूर्ण- वन मंत्री केदार कश्यप….

    August 22, 2026

    मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने दुर्ग में नवीन न्यायालय भवन के निर्माण हेतु किया भूमिपूजन…..

    August 22, 2026

    शिक्षा समाज के विकास का मूल मंत्र, भावी पीढ़ी को शिक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

    August 22, 2026

    करमा उत्सव में झलकी छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाई….

    August 22, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    नेत्रदान को बढ़ावा देने के लिए अम्बेडकर अस्पताल में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित…..

    August 22, 2026

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की, स्वीकृत सड़कों का निर्माण समय-सीमा में पूरा करने और हर घर जल का लक्ष्य सुनिश्चित करने के दिए निर्देश….

    August 22, 2026

    मानव-हाथी द्वंद्व कम करने में हाथी मित्र दल की भूमिका महत्वपूर्ण- वन मंत्री केदार कश्यप….

    August 22, 2026

    मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने दुर्ग में नवीन न्यायालय भवन के निर्माण हेतु किया भूमिपूजन…..

    August 22, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Faraha Niyazi
    मोबाइल - 8889278888
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Royal Garden , LIC Road Kangoli, Jagdalpur - 494001
    August 2026
    M T W T F S S
     12
    3456789
    10111213141516
    17181920212223
    24252627282930
    31  
    « Jul    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.