Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Taaja Khabar
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Taaja Khabar
    Home»धर्म»क्या बेलपत्र में नाम लिखने से नाराज होते हैं भगवान शिव?
    धर्म

    क्या बेलपत्र में नाम लिखने से नाराज होते हैं भगवान शिव?

    By July 19, 2024No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    वाराणसी:भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व है. इसे अर्पित करने से शिवभक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. लेकिन हाल ही में एक नई प्रवृत्ति देखने को मिल रही है, जहां भक्त अपने नाम या इच्छाओं को बेलपत्र पर लिखकर शिवलिंग पर अर्पित कर रहे हैं. इससे यह प्रश्न उठता है कि क्या ऐसा करना उचित है? क्या इससे भगवान शिव नाराज होते हैं? आइये जानते हैं इसके बारे में काशी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य से.

    काशी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय ने बताया कि बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है. इसका उल्लेख शास्त्रों में भी मिलता है, लेकिन बेलपत्र पर नाम या इच्छाएं लिखकर अर्पित करने की परंपरा का शास्त्रों में कोई उल्लेख नहीं मिलता. गोरखपुर के गीता प्रेस की प्रसिद्ध पुस्तक रुद्राष्टाध्यायी में भगवान शिव को बेलपत्र अर्पण करने के नियम विस्तार से बताए गए हैं.

    सिर्फ प्रभु श्री राम का नाम लिखकर कर सकते हैं अर्पित

    संजय उपाध्याय के मुताबिक, बेलपत्र पर सिर्फ और सिर्फ प्रभु श्रीराम का नाम लिखकर ही शिवलिंग पर अर्पित किया जा सकता है. इससे इतर अन्य कोई नाम या इच्छा को बेलपत्र पर अंकित कर उसे भगवान शिव को अर्पित करने का कोई भो विधान नहीं है. इससे आप पाप के भागी बन सकते हैं.

    1. शास्त्रों का उल्लेख: शास्त्रों में बेलपत्र को शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक माना गया है. इसे शुद्ध रूप में शिवलिंग पर अर्पित करना ही उचित माना गया है. बेलपत्र पर नाम लिखना या उसे किसी अन्य रूप में बदलना शास्त्रों के विपरीत है.

    2. प्राकृतिक पवित्रता: बेलपत्र की प्राकृतिक पवित्रता को बनाए रखना आवश्यक है. उस पर नाम लिखने या किसी अन्य प्रकार की छेड़छाड़ करने से उसकी पवित्रता भंग हो सकती है, जो उचित नहीं है.

    3. आस्था और विश्वास : भगवान शिव की आराधना में आस्था और विश्वास का प्रमुख स्थान है. सरलता और शुद्धता के साथ अर्पित किया गया बेलपत्र भगवान शिव को प्रिय होता है. अतिरिक्त आडंबर या विशेष प्रयासों की आवश्यकता नहीं होती.

    4. परंपरागत पूजा विधि: पारंपरिक पूजा विधि के अनुसार, बेलपत्र को तीन पत्तों वाला होना चाहिए और उसे उल्टा (छोटा डंठल ऊपर की ओर) रखकर शिवलिंग पर अर्पित किया जाना चाहिए. नाम लिखने की कोई आवश्यकता नहीं है.
     

    Related Posts

    पंचांग : आज की तिथि में छिपा है अच्छी सेहत का राज! जानें चिकित्सा कार्यों के लिए क्यों है यह सबसे उत्तम दिन

    February 2, 2026

    राशिफल: आज की एक छोटी सी शांति दिलाएगी बड़ी सफलता! जानें सोमवार को आपके भाग्य के सितारे क्या इशारा कर रहे हैं

    February 2, 2026

    पहाड़ों में बर्मा के बिना अधूरा माना जाता है शुभ कार्य, जानें 108 तिनकों से बने देवताओं के इस पवित्र आसन का रहस्य

    February 2, 2026

    जागरण से जागेगा सौभाग्य, भोलेनाथ देंगे मनचाहा वरदान, जानें महाशिवरात्रि की 4 प्रहर पूजा का विशेष फल

    February 2, 2026

    गुमला में यहां 2,000 फीट की ऊंचाई पर बसते हैं बाबा वैद्यनाथेश्वर, रामायण काल से जुड़ी है मान्यता

    February 2, 2026

    गुमला में यहां 2,000 फीट की ऊंचाई पर बसते हैं बाबा वैद्यनाथेश्वर, रामायण काल से जुड़ी है मान्यता

    February 2, 2026
    RO.No :-14063/47
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    करमा तिहार हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

    October 9, 2026

    सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी : रजिस्ट्री हुई और तुरंत हो गया नामांतरण, अजीत राम साहू को नहीं लगाने पड़े तहसील के चक्कर…..

    October 9, 2026

    रामपुर आश्रम में जनभागीदारी से चला सेवा संकल्प के साथ स्वच्छता अभियान, वन मंत्री केदार कश्यप ने लोगों के साथ किया श्रमदान, मारकंडी नदी घाट और प्राकृतिक जल कुंड की सफाई….

    October 9, 2026

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा सशक्त और विकसित भारत का सपना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

    October 9, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Faraha Niyazi
    मोबाइल - 8889278888
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Royal Garden , LIC Road Kangoli, Jagdalpur - 494001
    October 2026
    M T W T F S S
     1234
    567891011
    12131415161718
    19202122232425
    262728293031  
    « Sep    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.