Tokyo Olympics में कैसा रहा भारत का अब तक का सफर? जानें अभी कितने पदकों की है उम्मीद

टोक्यो में चल रहे ओलंपिक के 32वें संस्करण में भारत का अबतक का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है. अपने आखिरी चरणों में पहुंच चुके ओलंपिक गेम्स में भारत को अभी भी पदक की उम्मीद कायम है. भारत की ओर से मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में सिल्वर तो वहीं बैडमिंटन में पीवी सिंधु ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया है. कुल मिलाकर भारत इस ओलंपिक में दो पदक जीत चुका है. भारत का तीसरा पदक भी बॉक्सिंग में पक्का हो चुका है. भारतीय बॉक्सर लवलीना बोरगोहन ने 69 किलोग्राम वेट कैटगर में सेमीफाइनल में पहुंच कर देश का तीसरा पदक पक्का कर लिया है.

वहीं ओलंपिक इतिहास की बात करें, तो भारत ने अब तक कुल 28 मेडल अपने नाम किए हैं. इनमें नौ गोल्ड, सात सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं. भारत ने सबसे ज्यादा आठ गोल्ड मेडल हॉकी में जीते हैं. वहीं एक गोल्ड व्यक्तिगत शूटिंग स्पर्धा में अभिनव बिंद्रा ने 2008 बीजिंग ओलंपिक में जीता था. 2012 का लंदन ओलंपिक भारत का सबसे शानदार अभियान रहा. 2012 के टूर्नामेंट में भारत ने कुल छह पदक अपने नाम किए थे. हालांकि भारत गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब नहीं हो पाया था. भारतीय दल के प्रदर्शन को देखते हुए यह लग रहा है कि भारत इस साल इतिहास रच सकता है और टोक्यो में अभी कई और मेडल अपने नाम कर सकता है.

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इन खेलों में आ सकता है पदक

बॉक्सिंग – भारत की महिला बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए पदक पक्का कर दिया है. वह 69 किलोग्राम वेट कैटेगरी में सेमीफाइनल पहुंच गई हैं. लवलीना अगर सेमीफाइनल और फाइनल का मुकाबला जीत जाती हैं तो भारत ओलंपिक में पहली बार बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीत लेगा. पूरा देश लवलीना की जीत की कामना कर रहा है.

हॉकी – ओलंपिक में इस बार भारत की महिला और पुरुष, दोनों टीमें सेमीफाइनल में पहुंची हैं. ऐसे में दोनों टीमों से पदक की उम्मीद लगाई जा रही है. भारत की पुरुष हॉकी टीम आज हुए मुकाबले में बेल्जियम में 5-2 से हार गई है, अब यह टीम ब्रॉन्ज मेडल के लिए उतरेगी. वहीं महिला टीम से अभी भी स्वर्ण पदक की उम्मीदे कायम है.

रेसलिंग – टोक्यो ओलंपिक में 4 अगस्त से रेसलिंग के मुकाबले शुरू होने वाले हैं. इसमें भारत की ओर से बजरंग पुनिया, दीपक पुनिय और विनेश फोगाट भारत के लिए मेडल का दावा पेश करेंगे. पिछले तीन ओलंपिक में रेसलिंग के प्रदर्शन को देखते हुए भारत को इस बार इसमें दो से तीन पदकों की उम्मीद है.

जैवलिन थ्रो – जैविलन थ्रो में भारत की ओर से नीरज चोपड़ा मेडल की दावेदारी पेश करेंगे. 2018 एशियन गेम्स में चैंपियन बनने वाले नीरज चोपड़ा से पूरा देश मेडल की उम्मीद लगाए बैठा है.

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