26 से कम उम्र में सक्सेस रेट सर्वाधिक, इनमें भी लड़कियां ज्यादा…

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  • देश के शीर्ष प्रशासनिक पदों पर चयन में युवा पुरुषों की संख्या 2019-20 में 31.3% रही, जबकि महिलाओं की 35.8%

यूपीएससी-2021 का प्रीलिम्स अगले महीने होना है। सिविल सर्विसेज एग्जाम के लिए कुल 6 अवसर मिलते हैं। लेकिन, इस एग्जाम को पास करने वाले सबसे ज्यादा कैंडिडेट 24 से 26 साल के बीच के रहे हैं। खास बात यह है कि पिछले 4 साल में चयनित हाेने वालों में इस आयुवर्ग की महिलाओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा हैं।

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यूपीएससी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 24-26 साल आयुवर्ग में 31.3% पुरुषों और 35.8% महिलाओं ने एग्जाम पास किया। वहीं, 2015-16 से लेकर 2019-20 की सभी रिपोर्ट्स का आकलन किया जाए तो शीर्ष पदों पर 24 से 26 साल की आयुवर्ग में महिला अफसर पुरुषाें से अधिक चुनी गई हैं। इस रिपोर्ट की स्टडी करें तो पता चलता है कि 21 से 26 साल के आयु वर्ग में भी महिलाओं का सक्सेस रेट पुरुषों के मुकाबले ज्यादा है। यानी, जो युवा कैंडिडेट प्रशासनिक सेवाओं के लिए चुने जा रहे हैं, उनमें लड़कियां ज्यादा हैं।

एक ट्रेंड यह भी: शुरुआती अटैम्प्ट में ही सफल होने की संभावनाएं ज्यादा
पिछले 4 साल के ट्रेंड के अनुसार, सबसे अधिक कैंडिडेट तीसरे अटैम्प्ट में सफल होते हैं। कुल 24.02% उम्मीदवारों ने तीसरे अटैम्प्ट में एग्जाम पास किया। इनमें 22.94% पुरुष और 27.46% महिलाएं थीं। इसी तरह छठे अटैम्प्ट में मात्र 8.37% कैंडिडेट एग्जाम पास कर पाए। इनमें 8.40% पुरुष और 8.29% महिलाएं थीं। अटैम्प्ट बढ़ने के साथ सफलता की संभावनाएं भी कम हो जाती हैं। 30 साल से ज्यादा उम्र के 1,614 पुरुष उम्मीदवार मेंस में पहुंचे थे, जबकि इस आयुवर्ग की महिलाएं सिर्फ 136 थीं। इनमें से 77 पुरुष और 13 महिलाएं चयनित हुए। पुरुषों का सफलता प्रतिशत 12.4% और महिलाओं का 6.7% रहा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मात्र भ्रम है कि इस एग्जाम को क्रैक करने में सालों लग जाते हैं, क्योंकि आंकड़े बताते हैं कि सबसे अच्छा सक्सेस रेट 26 से कम उम्र वालों का रहा है।

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