Raipur Local Edit: छत्‍तीसगढ़ में बढ़ता कोरोना संक्रमण, संकट की ओर संकेत

National Cancer Awareness Day

Raipur Local Edit: रायपुर।। छत्‍तीसगढ़ के जगदलपुर मेडिकल कालेज में 10 से अधिक डाक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का कोरोनाग्रस्त हो जाना आने वाले संकट की ओर संकेत कर रहा है। यह सभी टीकाकरण की प्रक्रिया में दोनों डोज ले चुके हैं। इन परिस्थितियों के बीच शहर के किसी चौराहे पर रुककर आने-जाने वाले लोगों का अवलोकन किया जाए तो डर पैदा होने लगता है। कुछ ही लोग मास्क लगाए और शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हुए दिख रहे हैं।

ऐसे लोगों की संख्या ज्यादा है, जो कोरोना से बचाव के लिए दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। कुछ लोग मास्क गले में लटकाते हैं तो कई लोग उसे जेब में रखते हैं। यही कारण है कि एक बार फिर कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा होने लगा है। खतरे की घंटी बज चुकी है।

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जागरूकता की कमी और लापरवाही के कारण त्योहारी सीजन में एक बार फिर कोरोना अपना पैर पसार रहा है। पुलिस भी अब ज्यादा टोकाटाकी नहीं करती और नगर निगम का जागरूकता अभियान भी अब ठंडा पड़ चुका है।
कोरोना में अचानक वृद्धि का कारण लोगों का सार्वजनिक आयोजनों में एकत्रित होना है। इसके साथ ही शारीरिक दूरी, मास्क लगाने आदि को महत्व नहीं देना है। दुकानों में औपचारिकता के लिए लिखा है कि बिना मास्क के सामान नहीं, लेकिन दुकानदार स्वयं मास्क नहीं पहन रहे हैं।
प्रमुख मालों में भी जहां हर जगह सैनिटाइजर रखे होते थे, अब कहीं-कहीं रखे हैं। अति आत्मविश्वास के कारण लोग टीकाकरण के बाद भी संक्रमित हो रहे हैं। ऐसा लगता है कि मानो कोविड अनुकूल व्यवहार की जगह वे टीके की प्रभावशीलता की जांच कर रहे हैं। कुछ लोग दूसरी डोज की आवश्यकता पर ही प्रश्रचिह्न लगा रहे हैं। बच्चे संभावनाओं के बाबजूद भी कम संक्रमित हुए, क्योंकि स्कूलों ने दिशा-निर्देशों को गंभीरता से लिया।
साथ ही स्कूल आने की अनिवार्यता का न होना, ई-क्लास के विकल्प की उपलब्धता, बच्चों की रोगप्रतिरोधक क्षमता का अधिक होना आदि भी वे कारण हैं, जिन्होंने बच्चों में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका। अपनी संक्रमण क्षमता, संरचना परिवर्तन की अनुकूलता, वैश्विक उपस्थिति कोरोना को अद्वितीय बनाते हैं, इसलिए कोरोना के ऊपर प्रभावी विजय के लिए जन-जन का सहयोग अनिवार्य है।
जनजागरूकता के माध्यम से ही इसके विस्तार को रोका जा सकता है। टीके की दोनों डोज ले चुके लोग लापरवाही न बरतें। इसके लिए सतर्क होना होगा। हमारे देश में स्वयं से पहले दूसरों को प्राथमिकता दी जाती है, इसलिए ऐसे उच्च आदर्शों वाले देश में कोरोना का हारना तय है, बस हमें अपनी-अपनी भूमिका ईमानदारी से निभानी होगी। उम्मीद की जानी चाहिए कि संकट को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन कराने में पूरी सतर्कता और सजगता का उदाहरण पेश किया जाएगा।

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