कांकेर में 15 दिनों के अंदर तेंदुए ने 2 ग्रामीणों का किया शिकार, स्कूल में भी घुसा था, वन विभाग ने कल लगाया था पिंजरा

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में इन दिनों आदमखोर तेंदुआ का आतंक देखने को मिल रहा है। सबसे ज्यादा पलेवा और भैंसाकट्टा गांव के ग्रामीण तेंदुए से परेशान हो गए हैं। इधर वन विभाग की टीम ने तेंदुआ को पकड़ने पलेवा गांव में शुक्रवार को एक पिंजरा लगा रखा था। इस पिंजरे में भकरा और मुर्गा बांधा गया था। लेकिन उसमें शनिवार की सुबह तेंदुए की जगह एक भालू फंस गया। जिसे वन विभाग के अधिकारियों ने पलेवा के जंगल में छोड़ दिया है। इधर तेंदुआ पकड़ने के लिए अब विभाग गांव में दूसरी जगह जाल बिछाने की तैयारी कर रहा है।

पिंजरा खोल कर भालू को बाहर निकालते वन विभाग के कर्मचारी

पिंजरा खोल कर भालू को बाहर निकालते वन विभाग के कर्मचारी

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जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले तेंदुआ कांकेर जिले के पलेवा गांव में घर के अंदर घुसा और एक बुजुर्ग को उठाकर ले गया था। जिसके बाद जंगल में ग्रामीण की लाश मिली थी। वहीं पलेवा के पड़ोसी गांव भैंसाकट्टा में भी सोमवार की आधी रात घर के बाहर शौच करने लिए एक 35 साल की महिला निकली थी। जिसे झाड़ियों में छिपे तेंदुआ ने अपना शिकार बनाया था। दूसरे दिन गांव से 5 किमी दूर महिला के शरीर के कमर के नीचे के अंगों के टुकड़े मिले थे। इन दोनों घटनाओं के बाद इलाके के लोग डर के साए में जी रहे हैं।

स्कूल में घुसा था तेंदुआ, क्लास के बाहर से मुर्गा का किया शिकार
पलेवा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि, कुछ दिन पहले गांव की एक स्कूल में दोपहर के समय तेंदुआ घुस गया था। स्कूल के बच्चे और शिक्षक क्लास में थे। शिक्षक ने फौरन क्लास का दरवाजा बंद कर दिया था। सभी बच्चों और शिक्षकों ने देखा था कि, तेंदुआ क्लास के सामने से ही एक मुर्गे का शिकार कर जंगल की तरफ ले गया था। इस घटना के बाद ग्रामीणों में काफी दहशत है।

भालू को वन विभाग के अधिकारियों ने पलेवा के जंगल में छोड़ दिया है।

भालू को वन विभाग के अधिकारियों ने पलेवा के जंगल में छोड़ दिया है।

3 तेंदुए की हो चुकी है पुष्टि, ग्रामीणों ने बताया 4 से अधिक हैं
वन विभाग की मानें तो इलाके में अलग-अलग जगहों पर अब तक कुल 3 तेंदुआ देखे गए हैं। लेकिन ग्रामीणों का मानना है कि, इस इलाके में 4 से ज्यादा तेंदुआ है। चारामा रेंज का काफी घनघोर जंगल है। यहां तेंदुआ के अलावा, भालू व हाथियों की भी मैजूदगी रहती है। आए दिन भालू बस्ती के बीच में घुस जाते हैं। जिसे ग्रामीण डरते हैं।

 

 

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