बस्तर संभाग के पांच जिलों में होगी झमाझम बारिश, एक-दो स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना…

बस्तर संभाग के 5 जिलों के लिए मौसम विभाग ने मंगलवार की शाम अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 24 घंटों में संभाग के कांकेर, दंतेवाड़ा, बस्तर, सुकमा व बीजापुर में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ तेज झमाझम बारिश हो सकती है। एक-दो स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग की माने तो कांकेर जिले में सबसे अधिक बारिश होगी। इसके लिए पहले से ही बंदोबस्त करने की सलाह भी दी गई है।

कांकेर में पिछले 3 दिनों से तेज बारिश के चलते पानी पुल के ऊपर बह रहा है।

कांकेर में पिछले 3 दिनों से तेज बारिश के चलते पानी पुल के ऊपर बह रहा है।

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इस मानसून बस्तर संभाग के कांकेर जिले में सबसे कम बारिश हुई थी। लेकिन पिछले 3-4 दिनों से कांकेर में मूसलाधार बारिश हो रही है। अंतागढ़ सहित अन्य इलाकों के नदी-नाले पूरी तरह उफान पर आ गए हैं। जिससे कोयलीबेड़ा सहित कई इलाकों के गांवों का संपर्क भी जिला मुख्यालय से कट गया है। मंगलवार को भी दिनभर इलाके में बारिश होती रही। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के अंदर भारी बारिश होने की संभावना जताई है। जिससे इलाके के लोगों की भी चिंता बढ़ गई है। इधर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में भी रुक-रुक कर बारिश होती रही है।

अब तक इतनी हुई बारिश

जिला कितनी MM हुई बारिश कितनी MM होनी थी प्रतिशत कम या ज्यादा
बस्तर 991.7MM 1079.2MM -8%
दंतेवाड़ा 1093.8MM 1196.2MM -9%
सुकमा 1473.3MM 1023.4MM 44%
बीजापुर 1125.0MM 1232.6MM -9%
कांकेर 921.8MM 1208.4MM -24%
कोंडागांव 984.2MM 1048.5MM -9%
नारायणपुर 1098.8MM 1119.4MM -2%

ऐसे बन रहे बारिश के आसार

मौसम वैज्ञानिक एपी चंद्रा ने बताया कि, एक गहरा अवदाब उत्तर छत्तीसगढ़ और उससे लगे हुए उत्तरी अंदरूनी ओडिशा के ऊपर स्थित है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में लगातार आगे बढ़ते हुए अगले 48 घंटे में उत्तर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश को पार करते हुए कमजोर होने के बाद एक चिन्हित निम्न दाब के क्षेत्र के रूप में परिवर्तित होने की संभावना है। मानसून द्रोणिका मध्य समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक दिशा, अहमदाबाद, इंदौर, होशंगाबाद, गहरा अवदाब के केंद्र, गोपालपुर और उसके बाद दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व- मध्य बंगाल की खाड़ी तक स्थित है।

एक द्रोणिका दक्षिण गुजरात में स्थित चक्रीय चक्रवाती घेरा से उत्तर छत्तीसगढ़ और उससे लगे उत्तर अंदरूनी ओडिशा तक 1.5 किलोमीटर ऊंचाई से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक मध्य प्रदेश होते हुए स्थित है। जिससे बस्तर संभाग के कई जिलों में बारिश होगी। वहीं प्रदेश में अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।

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