40 से ज्यादा जगहों से काटी गांगलूर-पुसनार सड़क, कहा- कैंप खुला तो फोर्स घुसेगी, जवान ग्रामीणों को परेशान करेंगे, ASP बोले – नक्सलियों का दबाव है…

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में खोले जा रहे नवीन पुलिस कैंप को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। कैंप के विरोध में ग्रामीणों ने नक्सल प्रभावित गांगलूर से पुसनार होते हुए मिरतुर को जोड़ने बनाई जा रही निर्माणाधीन सड़क को 40 से ज्यादा जगहों से 4-4 फिट गहरा काट दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि, उन्हें गांवों में सुराक्षाबलों का कैंप नहीं चाहिए। यदि कैंप खुलता है तो जवान उन्हें परेशान करेंगे। इधर बीजापुर ASP पंकज शुक्ला ने इसे नक्सलियों की चाल बताया है।

बीजापुर जिले के सिलगेर में खुले नवीन पुलिस कैंप का ग्रामीण लगातार विरोध कर ही रहे हैं। इधर अब पुलिस बीजापुर जिले के कई अंदरूनी इलाकों में कैंप खोलने की तैयारी कर रही है। पुलिस कैंप के विरोध में लगातर ग्रामीण लामबंध भी हो रहे हैं। वहीं धुर नक्सल प्रभावित गंगालूर से पुसनार तक सड़क निर्माण का काम किया जा रहा था। नक्सल इलाका होने की वजह से यहां काम करवाना विभाग के लिए भी एक बड़ी चुनौती है। कैंप का ग्रामीण इस कदर विरोध कर रहे हैं कि बुर्जी और पुसनार के सैकड़ों ग्रामीणों ने मिलकर सड़क को खुद ही काट दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि, हमें न तो सड़कें चाहिए और न ही कैंप।

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पुलिस पर ग्रामीणों की प्रताड़ना का लगाया आरोप
बीजापुर जिले के बुर्जी और पुसनार गांव के ग्रामीणों ने पुलिस जवानों पर ग्रामीणों को प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि, यदि इलाके में कैंप खुलता है तो फोर्स हमें परेशान करती है। महिला और पुरुषों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटते हैं। हत्या भी करते हैं। नक्सली बता कर जेल में डाल दिया जाता है। साथ ही सड़क निर्माण के नाम पर ग्रामीणों की भूमि हड़प लेते हैं।

कलेक्टर को सौंप चुके हैं ज्ञापन, मांग पूरी नहीं हुई तो काटी सड़क
ग्रामीणों ने कहा कि, हमने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर बीजापुर कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा है। लेकिन हमारी समस्याओं का अब तक कोई समाधान नहीं किया गया है। सरकार भी हमारी बात नहीं सुन रही है। इस लिए 2 गांवों के ग्रामीणों ने मिलकर सड़क को काट दिया है।

बीजापुर जिले के ASP पंकज शुक्ला ने कहा कि, नक्सलियों के दबाव के चलते ग्रामीणों ने सड़क काटी हैं। ग्रामीणों को सड़क की जरूरत है। जिन-जिन जगहों पर सकड़ को काटा गया है उस समय वहां ग्रामीणों के साथ नक्सली भी मौजूद थे। इन्होंने गंगालूर, हिरोली, सहित अन्य 3 -4 इलाकों की सड़कों को नुकसान पहुंचाया है। यह नक्सलियों की चाल है, वो ग्रामीणों को आगे कर रहे हैं।

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