Finance department asked for loan information from departments, budget will be made on the basis of this | वित्त विभाग ने मांगी विभागों से कर्ज की जानकारी, इसके आधार पर ही बनाएंगे बजट

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वित्त विभाग ने सभी विभागों और उनके अधीन निगम-मंडलों से कर्ज की जानकारी मांगी है। इसके आधार पर 2022-23 के लिए बजट तैयार किया जाएगा। विभागों में स्वीकृत पदों के साथ-साथ कम्प्यूटर, लैपटाप, वाहन आदि संपत्तियों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने कहा गया है।

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वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट के लिए वित्त विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। वित्त विभाग के अधिकारियों को उम्मीद है कि काेरोना की दूसरी लहर के बाद बाजार में बेहतर माहौल है। जीएसटी का कलेक्शन भी बढ़ा है, इसलिए इस बार बजट एक लाख करोड़ से ज्यादा का हो जाएगा। हालांकि बजट के नए प्रस्तावों पर चर्चा से पहले सभी विभागों और उनके उपक्रमों से कर्ज की जानकारी मांगी गई है। फिलहाल सरकार पर 70 हजार करोड़ का कर्ज है। इसके अलावा सड़क निगम, मार्कफेड, नान जैसे संस्थाओं को सरकार ने जो गारंटी दी है, उसे मिला दें तो लगभग एक लाख करोड़ कर्ज है। ऐसे में विभाग का फोकस उन योजनाओं और भर्तियों पर है, जो पहले से स्वीकृत हैं और इस बार कोरोना की वजह से काम शुरू नहीं हो पाया। हालांकि अभी भी नए प्रस्तावों में उन कार्यों को ही प्राथमिकता दी जाएगी, जो सीधे तौर पर लोगों की सुविधाओं से जुड़ी हुई हैं।

न्याय योजना, मिलेट मिशन में बड़ा बजट
राजीव किसान न्याय योजना में सरकार सभी फसलों को शामिल करेगी। इसी तरह कोदो, कुटकी और रागी खरीदकर मध्याह्न भोजन, पीडीएस में बांटने की तैयारी में है। इसके लिए बड़ी राशि का प्रावधान किया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में इन योजनाओं के संबंध में सरकार ने फैसला लिया है। इसके अलावा पीएससी के साथ-साथ विभागीय स्तर पर भी भर्तियाें की तैयारी है।

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