हड़ताली कोरोना योद्धाओं ने पूछा- हिंसा का मार्ग चुनने वाले को सरकार नौकरी दे रही है, सेवा का मार्ग चुनने वालों के साथ अन्याय क्यों…?

रायपुर. अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना स्थल में हड़ताल में बैठे कोरोना योद्धाओंने एक बड़ा और चिंताजनक बयान दिया है. हड़ताली कोरोना योद्धाओं का कहना है कि हिंसा का मार्ग चुनो नक्सली बन सरेंडर करो सरकार नौकरी देगी. उनका कहना है कि सेवा का मार्ग चुनो कोरोना योद्धा बनो सरकार बेरोजगारी देगी. बता दें कि कोरोना योद्धाओं को हड़ताल का 30 वां दिन है.

बस्तर में कोरोना काल के दौरान अपनी सेवा देने वाले अस्थाई स्वास्थ्यकर्मी नवीन ध्रुव ने बताया कि बस्तर में युवा नक्सली क्यों बनते हैं  ? क्योंकि जो हिंसा का मार्ग अपनाकर नक्सली बनते हैं हिंसक वारदातों को अंजाम देते हैं और जब वह सरेंडर करते हैं तो सरकार उन्हें नौकरी देती है. लेकिन हम जैसे पढ़े लिखे युवा कोरोना जैसी महामारी में सेवा का मार्ग चुन लोगों की सेवा की है, जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाई है. लेकिन कोरोना की रफ्तार कम होने पर सरकार हमें बेरोजगार कर रही है. तो ऐसे में बस्तर का युवा करें तो करें क्या ? सेवा का मार्ग चुने की हिंसा का ??

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