पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर को थूकदान देने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता, भाजपा-कांग्रेस समर्थकों में मारपीट हो गई, पुलिस ने संभाला

युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता कुरूद के भाजपा कार्यालय में विधायक को थूकदान भेंट करने पहुंचे थे।

भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी के थूक में बह जाएगा मंत्रिमंडल वाले बयान का विवाद आज मारपीट तक पहुंच गया। कांग्रेस कार्यकर्ता आज पूर्व मंत्री और कुरूद से भाजपा विधायक अजय चंद्राकर को थूकदान भेंट करने पहुंच गए। इस दौरान विधायक समर्थक भाजपा कार्यकर्ताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच गाली-गलौज और मारपीट हो गई। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से दोनों पक्षों को अलग किया।

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हंगामा बढ़ा तो किसी ने विधायक पर रूमाल फेंक दिया। फिर मारपीट शुरू।

हंगामा बढ़ा तो किसी ने विधायक पर रूमाल फेंक दिया। फिर मारपीट शुरू।

बताया जा रहा है, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता आज कुरूद भाजपा कार्यालय में विधायक को थूकदान भेंट करने गए थे। विधायक ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का थूकदान लेने से पहले भगवा रंग का गमछा पहनाने की कोशिश की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसको पहनने से इनकार कर दिया। उसके बाद कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने जोर-जोर से बोलना शुरू किया “सबसे पहले स्थानीय विधायक अजय चंद्राकर जो अमर्यादित बयान दे रहे हैं, उसके विरोध में यह थूकदान भेंट करेंगे।” कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चंद्राकर पर किसानों और छत्तीसगढ़ की संस्कृति का अपमान करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दिया।

भाजपा कार्यालय में मौजूद विधायक के समर्थक भी विरोध में शोर मचाने लगे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को धक्का मारना शुरू किया। उसके बाद वहां मारपीट और गालीगलौज होने लगा। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन में दोनों पक्षों को अलग किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कार्यालय से बाहर निकालकर विधायक को सुरक्षा घेरे में ले लिया। बाद में मामला किसी तरह शांत हुआ।

चंद्राकर बोले, यह अशिष्टता है

घटना के बारे में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, लोकतंत्र में विरोध जरूरी है, लेकिनल यह प्रदर्शन नहीं अशिष्टता है। उन्होंने कहा, इन्हीं सब कारणों से कांग्रेस पूरे देश में सिमट गई है। चंद्राकर ने कहा, प्रदेश में यह कांग्रेस सरकार की आखिरी पारी है।

पिछले सप्ताह कहा था, अफगान सेना की तरह सरेंडर कर देगी कांग्रेस

पिछले सप्ताह रायपुर में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा था, अभी एक शब्द निकला है तो इतना हंगामा है। चुनाव के समय और हथियार निकलेंगे तो क्या होगा। अमेरिका के हटने पर जैसे अफगानिस्तान की सेना ने समर्पण कर दिया वैसे ही यह सरकार भी सरेंडर करके भागेगी। अजय चंद्राकर ने डी. पुरंदेश्वरी के बयान के लिए माफी मांगने से इन्कार कर दिया था। उनका कहना था, उन्होंने थूक नहीं फूंक कहा था। वह बयान भी अपने लोगों के बीच दिया, इसलिए माफी मांगने का सवाल ही पैदा नहीं होता। जगदलपुर के चिंतन शिविर में डी. पुरंदेश्वरी ने कह दिया था, भाजपा कार्यकर्ता पलट कर थूक दें तो कांग्रेस सरकार का पूरा मंत्रिमंडल बह जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इसे किसानों-छत्तीसगढ़ियों का अपमान बताया था

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सहित 9 मंत्रियों ने डी. पुरंदेश्वरी के बयान को किसानों और छत्तीसगढ़ियों का अपमान बताया था। उसके बाद से ही कांग्रेस पार्टी आंदोलित है। 5 सितम्बर को जगह-जगह डी. पुरंदेश्वरी और दूसरे नेताओं के पुतले जलाए गए। युवा कांग्रेस, भाजपा के सांसदों-विधायकों को थूकदान भेंट कर रही है।

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