Homeराज्य-शहरChhattisgarh Kisaan Andolan : पूरे प्रदेश में चक्का जाम, छह फरवरी को...

Chhattisgarh Kisaan Andolan : पूरे प्रदेश में चक्का जाम, छह फरवरी को धरना, प्रदर्शन

रायपुर। Chhattisgarh Kisaan Andolan : अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति और संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन से जुड़े घटक संगठन भी पूरे प्रदेश में छ फरवरी को चक्का जाम और धरना प्रदर्शन करेंगे। यह आंदोलन किसान विरोधी कानूनों को वापस लेने, सी-2 लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने का कानून बनाने तथा केंद्र सरकार के किसान विरोधी और कॉर्पोरेटपरस्त बजट के खिलाफ किया जाएगा।

किसान विरोधी कानूूनों के खिलाफ

जारी एक बयान में छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन के संयोजक सुदेश टीकम, संजय पराते, आलोक शुक्ला, नंद कश्यप आदि ने किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ दिल्ली में धरनारत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के किसी भी कानून या फैसले के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन करना इस देश के हर नागरिक का अधिकार है, जिसकी पुष्टि सुप्रीम कोर्ट ने भी की है। मगर, इस आंदोलन को कुचलने के लिए यह सरकार भाड़े के टट्टू, असामाजिक तत्वों और संघी गिरोह का इस्तेमाल कर रही है।

26 जनवरी को लाल किले में हुई हिंसा इसी का परिणाम थी, जिसकी आड़ में किसान आंदोलन को बदनाम करने की असफल कोशिश इस सरकार ने की है। उन्होंने कहा कि एक ओर तो सरकार किसान विरोधी तीन कानूनों को डेढ़ साल तक स्थगित करने का प्रस्ताव रख रही है, लेकिन दूसरी ओर अपने बजट प्रस्तावों के जरिये ठीक इन्हीं कानूनों को अमल में ला रही है। इस वर्ष के बजट में वर्ष 2019-20 में कृषि क्षेत्र में किये गए वास्तविक खर्च की तुलना में आठ फीसद की और खाद्यान्न सब्सिडी में 41 फीसद की कटौती की गई है।

इसके कारण किसानों को मंडियों और सरकारी सोसाइटियों की तथा गरीब नागरिकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की जो सुरक्षा प्राप्त है, वह कमजोर हो जाएगी। इस बार के बजट में फिर किसानों की आय दुगुनी करने की जुमलेबाजी की गई है। इस बजट के जरिये जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों पर डकैती डालने की कोशिश की जा रही है, जिस पर किसानों और आदिवासियों का अधिकार है। इससे मोदी सरकार का किसान विरोधी चेहरा उजागर हो गया है।

किसान आंदोलन के नेताओं ने कहा है कि देश का किसान इन काले कानूनों की वापसी के लिए खंदक की लड़ाई लड़ रहा है, क्योंकि कृषि क्षेत्र का कॉरपोरेटीकरण देश की समूची अर्थव्यवस्था, नागरिक अधिकारों और उनकी आजीविका को तबाह करने वाला साबित होगा। इन सत्यानाशी नीतियों के खिलाफ छह फरवरी को पूरे छत्तीसगढ़ में सड़कों को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक ये सरकार किसान विरोधी कानूनों को वापस नहीं लेती, किसानों का देशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।

Chhattisgarh Kisaan Andolan : पूरे प्रदेश में चक्का जाम, छह फरवरी को धरना, प्रदर्शन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments