BREAKING : लिंग परिवर्तन की चाहत ने बना दिया कातिल…मना करने पर मम्मी-पापा, बहन व नानी को उतारा मौत के घाट…

रोहतक: हत्याकांड को पुलिस ने सुलझा लिया है. अभिषेक ने जिस दोस्त के लिए अपने परिवार के चार लोगों को मौत के घाट उतार दिया, उसे साजिश की भनक तक नहीं लगी। कहीं वह अपने दोस्त को बचाना तो नहीं चाह रहा है। रविवार को मीडिया की ओर पूछे गए एक सवाल के जवाब में डीएसपी मुख्यालय गोरखपाल राणा ने बताया कि अभी तक हत्यारोपी के दोस्त कार्तिक के खिलाफ कोई सुबूत नहीं मिले हैं। उसके खिलाफ जांच चल रही है। अभी उसे क्लीनचिट नहीं दी गई है।

सुबूत मिले तो उसे भी जरूर गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि अभिषेक और उसके दोस्त के बीच समलैंगिक संबंध हैं। संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए आरोपी अपना लिंग परिवर्तन कराना चाहता था। इसके लिए उसने पिता से पैसे मांगे थे। इस पर पिता ने अभिषेक को जमकर डांटा था। साथ ही उसे रुपये भी देने से मना कर दिया था। पिता से रुपये नहीं मिलने के कारण अभिषेक 20 दिनों से परेशान चल रहा था। उसने दिल्ली से अपने दोस्त को रोहतक बुलाया। इस दौरान दोनों शहर एक होटल में दो दिन तक ठहरे रहे। इसके बाद अभिषेक ने रुपये न मिलने से नाराज होकर वारदात को अंजाम दे दिया।

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हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए अभिषेक ने घर में रखे अपने पिता के 32 बोर के अवैध रिवाल्वर का उपयोग किया था। पुलिस ने जांच में अवैध रिवाल्वर, आरोपी के कपड़े, जेवर व मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। पुलिस की जांच पूरी हो गई है। सोमवार को आरोपी अभिषेक को अदालत में पेश किया जाएगा।

पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद आरोपी अभिषेक ने अपने पिता का सोने का कड़ा व मां का मंगलसूत्र निकाल लिया था, ताकि वारदात को लूट का रूप दिया जा सके। जल्दबाजी में आरोपी ने घर के दरवाजे बंद कर दिए और चाबी अपने साथ ले गया।

इससे पुलिस का शक और गहरा गया, क्योंकि कोई भी व्यक्ति वारदात के बाद दरवाजा बंद कर चाबी लेकर नहीं जाएगा। वह पूरे घर की चाबी ढूंढने के बजाय फरार होना चाहेगा लेकिन इस केस में ऐसा नहीं था। पुलिस का मानना है कि अभिषेक को हथियारों के बारे पहले से समझ थी। पुलिस के हाथ कई पुराने फोटो लगे हैं, जिसमें वह अपने पिता के पास बैठकर हथियार हाथ में लिए हुए है। हत्या से पहले उसने ऑनलाइन वीडियो भी देखी थी, किस तरह हत्या की जा सकती है।

अब साइंटिफिक सुबूतों पर केस टिका हुआ है, क्योंकि पुलिस के पास हत्याकांड का कोई चश्मदीद गवाह नहीं है। मुख्य तौर पर आरोपी अभिषेक का कुबूलनामा है। अगर वह अदालत में मुकर गया तो पुलिस को कहानी साबित करने में काफी दिक्कत आएगी। एक सवाल के जवाब में डीएसपी मुख्यालय गोरखपाल राणा ने बताया कि जांच टीम ने पुख्ता साइंटिफिक सुबूत एकत्रित किए हैं।

इसमें जिस रिवाल्वर से वारदात की गई, उस पर आरोपी के फिंगर प्रिंट, फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल से लेकर सीसीटीवी फुटेज के अलावा और भी साक्ष्य हैं, जिनको अदालत में ही रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि लिखित रिपोर्ट तो अभी नहीं मिली है लेकिन फोन पर डॉक्टरों ने आरोपी की मानसिक स्थिति सामान्य बताई है।

सोनीपत जिले के गांव मदीना निवासी बबलू पहलवान विजय नगर में 20 साल से रह रहे थे। वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। 27 अगस्त को उनके साले प्रवीण ने शिकायत दी थी कि किसी ने उनके जीजा बबलू पहलवान, बहन बबली व मां रोशनी की गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि भांजी नेहा उर्फ तमन्ना पीजीआई में दाखिल है।

उसे भी सिर में गोली मारी गई है। बाद में नेहा ने भी दम तोड़ दिया था। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। जांच के बाद पुलिस ने बबलू मलिक के बेटे 20 वर्षीय अभिषेक उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया था। उसे अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया था। पुलिस का कहना है कि अभिषेक अपने दोस्त कार्तिक के साथ रहना चाहता था। लिंग परिवर्तन कराने के लिए पिता से पैसे मांगे। पैसे देने से मना करने पर परिजनों की हत्या कर दी।

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