असली बोतल में नकली शराब, सामने आया ऑडियो, महीने में लाखों रुपए का हो रहा खेल, सवालों के घेरे में आबकारी इंस्पेक्टर!

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बरमकेला। अगर आप शराब पीने के शौकीन हैं तो सचेत हो जाइए। जिस शराब की बोतल को असली समझकर पी रहे हैं, वह असली नहीं बल्कि नकली है। जी हां, पढ़ने सुनने में अटपटा जरूर लग रहा है लेकिन हकीकत यही है। एक ऐसा सबूत हमारे हाथ लगी है, जिसने संचालकों की पोल खोलकर रख दी है। और उसी नकली शराब से संचालक हर महीने लाखों रुपए की काली कमाई कर रहा है। असली बोतल में नकली शराब का गोरखधंधा रायगढ़ जिले के बरमकेला स्थित सरकारी शराब दुकान का है। शराब की अवैध बिक्री की शिकायतों के मद्देनजर सरकार की चलाई गई दांव उसी पर उल्टा पड़ रहा है। निजीकरण से सरकारी हाथ में आने के बाद शराब दुकानों के संचालन में पारदर्शिता आने के बड़े बड़े दावे किए जाते रहे हैं। लेकिन असली बोतल में नकली शराब भरकर बेचे जाने से संबंधित ऑडियो क्लिप सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है। हम उस ऑडियो क्लिप के कुछ अंश बता रहे हैं….. जिसमें दो लोग आपस में दो पेटी शराब को चार पेटी कैसे बनाते हैं। ऑडियो में तीसरा व्यक्ति (नाम सहित) है, जो इस पूरे खेल में शामिल है। एक का काम खाली शीशी की व्यवस्था करने तो दूसरा उन शीशियों को शराब दुकान में रखने की बात ऑडियो क्लिप में कह रहा है। तभी सामने से उनको जाने दो…थोड़ी देर रुको..दस मिनट भेजूं शीशी। अभी है.. कितना 50 लेकिन 100 की जरूरत तो है… फिर फोन कट हो जाता है। इस तरह संचालक असली बोतल में नकली शराब दुकानों में खपा रहे हैं।

(ऑडियो क्लिप हमारे पास मौजूद है, जो नकली शराब बनाकर बेचने की पुष्टि कर रहा है। यह ऑडियो बरमकेला शराब दुकान के सुपरवाइजर और एक कर्मचारी की है।)

 काले कारोबार को सरकारी संरक्षण:- सरकारी दुकानों में व्यवस्था को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी सरकारी अमला के हाथ में है। अफसर सिर्फ और सिर्फ कागजों पर ही व्यवस्था को ठीक करने का दंभ भर रहे हैं। जबकि सच्चाई तो ये है कि अफसर अपनी जेब भरने के लालच में काला कारोबार करने वालों को संरक्षण दे रहे हैं। शराब के जरिए रोजगार पाने और अपने परिवार का पेट पालने वाले आसानी से इससे पीछा छुड़ा नहीं पाते। इन सबके फेर में शराब के शौकीन फंस रहे हैं और नकली शराब के बदले सरकारी कीमत चुका रहे हैं।

जहरीली शराब से हो चुकी है मौत : प्रदेश के बिलासपुर जिले में जहरीली शराब पीने से 8 लोगों की मौत की घटना सरकारी सिस्टम पर सवाल उठा रहा है। ऐसी ही घटना यहां भी घटित होने से इनकार नहीं किया जा सकता। दुकानों में रखे शराब की क्वालिटी कैसी है। जिम्मेदार सेंम्पल जांचना भी उचित नहीं समझ रहे हैं। यही कारण है नकली शराब बनाकर बेचने का कारोबार धड़ाधड़ चल रहा है।

 चालक करता है चालाकी : जिले के जिस शराब दुकान में नकली शराब बेचे जाने का खुलासा ऑडियो क्लिप में हुआ है। उस दुकान संचालक को सरकारी अमले के हरेक गतिविधियों की जानकारी रहती है। यह काम कोई और नही बल्कि आबकारी आयुक्त का गाड़ी ड्राइवर करता है। मैडम कहां हैं कहां जा रही हैं कितने समय पहुंचेगी वगैरह वगैरह। तमाम खुफिया जानकारी नकली और जहरीली शराब बनाने वाले मौत के सौदागरों तक पहुंच जाती है और वे चौकन्ने हो जाते हैं।

हर महीने दुकानों से अवैध उगाही : आबकारी विभाग के जिम्मेदारों पर आरोप है कि हर महीने सभी शराब दुकानों से अवैध उगाही की जाती है। निरीक्षक से लेकर उच्च अफसरों तक का मंथली कमीशन बंंधा हुआ है। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि असली बोतल में नकली शराब का गोरखधंधा इन्हीं लोगों के संरक्षण में फल फूल रहा है।  

क्या कहते हैं आबकारी निरीक्षक : सारंगढ़ व बरमकेला के प्रभारी आबकारी निरीक्षक अनिल बंजारे से जब इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि शराब दुकान मुख्य सड़क मार्ग में है। इसलिए ऐसा होना संभव नहीं है। फिर भी देखने की बात कही।

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