आज का राशिफल एवं पंचाग

Aaj Ka Rashifal 19/10/2021 *दिनाँक-: 19/10/2021,मंगलवार* चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष आश्विन

*दिनाँक-: 24/09/2021
सप्तमी, शुक्ल पक्ष
भाद्रपद
“”””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि————- सप्तमी 15:10:23 तक
पक्ष————————– शुक्ल
नक्षत्र———अनुराधा 08:22:35
योग———- विश्कुम्भ 08:48:32
योग————— प्रीति 30:01:46
करण———— वणिज 15:10:23
करण——— विष्टि भद्र 26:08:31
वार————————-सोमवार
माह————————- भाद्रपद
चन्द्र राशि——————- वृश्चिक
सूर्य राशि———————- सिंह
रितु—————————- वर्षा
आयन——————-दक्षिणायण
संवत्सर———————- प्लव
संवत्सर (उत्तर) ——–आनंद
विक्रम संवत—————–2078
विक्रम संवत (कर्तक)—- 2077
शाका संवत—————- 1943

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वृन्दावन
सूर्योदय————— 06:04:40
सूर्यास्त——————18:25:02
दिन काल————– 12:20:21
रात्री काल————— 11:40:05
चंद्रोदय—————– 12:27:39
चंद्रास्त——————23:06:44

लग्न—- सिंह 26°18′ , 146°18′

सूर्य नक्षत्र————- पूर्वाफाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र—————- अनुराधा
नक्षत्र पाया——————–रजत

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

ने—- अनुराधा 08:22:35

नो—- ज्येष्ठा 14:02:06

या—- ज्येष्ठा 19:42:08

यी—- ज्येष्ठा 25:22:42

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य= सिंह 26°32 ‘ पू o फा o , 4 टू
चन्द्र =वृश्चिक 15°23’ अनुराधा, 4 ने
बुध = कन्या 22°57 ‘ हस्त ‘ 4 ठ
शुक्र= तुला 08°55, स्वाति ‘1 रू
मंगल=कन्या 04°30 ‘उ o फा o ‘ 3 पा
गुरु=कुम्भ 00°30 ‘ धनिष्ठा , 3 गु
शनि=मकर 14°43 ‘ श्रवण ‘ 2 खू
राहू=(व)वृषभ 11°10’ रोहिणी , 1 ओ
केतु=(व)वृश्चिक 11°10 अनुराधा , 3 नु

*🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩*

राहू काल 07:37 – 09:10 अशुभ
यम घंटा 10:42 – 12:15 अशुभ
गुली काल 13:47 – 15:20अशुभ
अभिजित 11:50 -12:40 शुभ
दूर मुहूर्त 12:40 – 13:29 अशुभ
दूर मुहूर्त 15:08 – 15:57 अशुभ

🚩गंड मूल 08:23 – अहोरात्र अशुभ

💮चोघडिया, दिन
अमृत 06:05 – 07:37 शुभ
काल 07:37 – 09:10 अशुभ
शुभ 09:10 – 10:42 शुभ
रोग 10:42 – 12:15 अशुभ
उद्वेग 12:15 – 13:47 अशुभ
चर 13:47 – 15:20 शुभ
लाभ 15:20 – 16:52 शुभ
अमृत 16:52 – 18:25 शुभ

🚩चोघडिया, रात
चर 18:25 – 19:53 शुभ
रोग 19:53 – 21:20 अशुभ
काल 21:20 – 22:48 अशुभ
लाभ 22:48 – 24:15* शुभ
उद्वेग 24:15* – 25:43* अशुभ
शुभ 25:43* – 27:10* शुभ
अमृत 27:10* – 28:38* शुभ
चर 28:38* – 30:05* शुभ

💮होरा, दिन
चन्द्र 06:05 – 07:06
शनि 07:06 – 08:08
बृहस्पति 08:08 – 09:10
मंगल 09:10 – 10:11
सूर्य 10:11 – 11:13
शुक्र 11:13 – 12:15
बुध 12:15 – 13:17
चन्द्र 13:17 – 14:18
शनि 14:18 – 15:20
बृहस्पति 15:20 – 16:22
मंगल 16:22 – 17:23
सूर्य 17:23 – 18:25

🚩होरा, रात
शुक्र 18:25 – 19:23
बुध 19:23 – 20:22
चन्द्र 20:22 – 21:20
शनि 21:20 – 22:18
बृहस्पति 22:18 – 23:17
मंगल 23:17 – 24:15
सूर्य 24:15* – 25:13
शुक्र 25:13* – 26:12
बुध 26:12* – 27:10
चन्द्र 27:10* – 28:08
शनि 28:08* – 29:07
बृहस्पति 29:07* – 30:05

*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान————-पूर्व*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

7 + 2 + 1 = 10 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*💮 शिव वास एवं फल -:*

7 + 7 + 5 = 19 ÷ 7 = 5 शेष

ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

दोपहर 15:10 से रात्रि 26:10 तक

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

* सन्तान सप्तमी

* सर्वार्थसिद्धि योग 08:22 तक

* मुक्ताभरण व्रत

* उमामहेश्वर पूजन

*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*

पत्रं नैव यदा करीरविटपे दोषो वसन्तस्य किं
नोलूकोऽप्यवलोकते यदि दिवा सूर्यस्य किं दूषणं ।
वर्षा नैव पतन्ति चातकमुखे मेघस्य किं दूषणं ।
यत्पूर्व विधिना ललाटलिखितं तन्मार्जितुं कः क्षमः ।।
।।चा o नी o।।

बसंत ऋतू क्या करेगी यदि बास पर पत्ते नहीं आते. सूर्य का क्या दोष यदि उल्लू दिन में देख नहीं सकता. बादलो का क्या दोष यदि बारिश की बूंदे चातक पक्षी की चोच में नहीं गिरती. उसे कोई कैसे बदल सकता है जो किसी के मूल में है.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: अक्षरब्रह्मयोग अo-08

मामुपेत्य पुनर्जन्म दुःखालयमशाश्वतम्‌ ।,
नाप्नुवन्ति महात्मानः संसिद्धिं परमां गताः ॥,

परम सिद्धि को प्राप्त महात्माजन मुझको प्राप्त होकर दुःखों के घर एवं क्षणभंगुर पुनर्जन्म को नहीं प्राप्त होते॥,15॥,

*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
प्रयास सफल रहेंगे। पराक्रम वृद्धि होगी। सामाजिक कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। आय में वृद्धि होगी। जल्दबाजी न करें। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। लाभ होगा।

🐂वृष
पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। नए विचार दिमाग में आएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। धनार्जन होगा।

👫मिथुन
दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। पुराना रोग उभर सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। काम में मन नहीं लगेगा। दूसरे आपसे अधिक की अपेक्षा करेंगे व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा।

🦀कर्क
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल लाभ देंगे। किसी बड़े काम की रुकावट दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें।

🐅सिंह
दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। घर में अतिथियों का आगमन होगा। प्रसन्नता तथा उत्साह बने रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। आलस्य हावी रहेगा। प्रमाद न करें। विवेक का प्रयोग करें।

🙍‍♀️कन्या
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। कोई बड़ा काम करने की इच्‍छा जागृत होगी। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। प्रमाद न करें।

⚖️तुला
यात्रा में जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट संभव है। पुराना रोग उभर सकता है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। हंसी-मजाक में हल्कापन न हो, ध्यान रखें। कीमती वस्तुएं इधर-उधर हो सकती हैं, संभालकर रखें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी।

🦂वृश्चिक
स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार में वृद्धि होगी। आय के नए साधन प्राप्त हो सकते हैं। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। जीवन सुखमय व्यतीत होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। स्वास्थ्य में राहत मिलेगी। चिंता दूर होगी। नौकरी में रुतबा बढ़ेगा।

🏹धनु
अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। विवाद से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। किसी भी अपरिचित व्यक्ति की बातों में न आएं। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगा।

🐊मकर
अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में अधिकार वृद्धि हो सकती है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। निवेश मनोनकूल रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण बनेगा। किसी कार्य के प्रति चिंता रहेगी। शारीरिक कष्ट संभव है।

🍯कुंभ
नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। मान-सम्मान मिलेगा। आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से लाभ होगा। प्रेम-प्रसंग में जल्दबाजी न करें। थकान रहेगी। किसी कार्य की चिंता रहेगी।

🐟मीन
धनहानि की आशंका है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। थकान व कमजोरी रह सकती है। व्यापार व व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय बाधा दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

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