Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Taaja Khabar
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Taaja Khabar
    Home»देश»पंडित नेहरू के दौर से लेटरल एंट्री से बनाए जा रहे हैं अधिकारी, अब क्यों कांग्रेस कर रही है विरोध…
    देश

    पंडित नेहरू के दौर से लेटरल एंट्री से बनाए जा रहे हैं अधिकारी, अब क्यों कांग्रेस कर रही है विरोध…

    By August 20, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    पंडित नेहरू के दौर से लेटरल एंट्री से बनाए जा रहे हैं अधिकारी, अब क्यों कांग्रेस कर रही है विरोध…
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    मंत्रालयों के शीर्ष पदों पर लेटरल एंट्री के जरिए अधिकारियों की भर्ती को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

    कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का कहना है कि मोदी सरकार आरक्षण खत्म करने की साजिश कर रही है।

    यूपीएससी ने हाल ही में उप सचिव, संयुक्त सचिव और निदेशकों के 45 पदों पर सीधी भर्ती का विज्ञापन जारी किया है।

    इसको लेकर जब विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू किया गया तो सरकार ने भी करारा जवाब दिया और कहा कि इसकी शुरुआत तो यूपीए सरकार ने ही की थी।

    केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोमवार को कहा कि नेता प्रतिपक्ष बिना सोचे-समझे कुछ भी बोलते चले जा रहे हैं जबकि कांग्रेस ने मोंटेक सिंह अहलूवालिया को योजना आयोग का उपाध्यक्ष लेटरल एंट्री के जरिए ही बनाया था। वहीं 1976 में मनमोहन सिंह को भी सीधी भर्ती के जरिए वित्त सचिव बनाया गया था।

    अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1961 में काका साहेब कालेकर की रिपोर्ट के आधार पर ओबीसी रिजर्वेशन का विरोध किया था।

    इसके बाद राजीव गांधी ने भी विरोध किया। उन्होंने सोनिया गांधी को राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के प्रमुख बनाने पर भी सवाल खड़े किए।

    बता दें कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू के दौर से ही समय-समय पर अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शीर्ष पदों पर बैठाया गया है।

    1950 से ही हो रही सीधी भर्ती

    सीधी भर्ती की बात करें तो 1950 से अब तक आईजी पटेल, डॉ. मनमोहन सिंह, वी कृष्णमूर्ती, मोंटेक सिंह अहलूवालिया और आरवी शाही जैसे कई नाम हैं जिन्हें लेटरल एंट्री के जरिए बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

    हालांकि सीनियर पदों पर ही ये भर्तियां की गई थीं। सरकार को जब आर्थिक जानकारों की जरूरत हुई तो विजय केलकर, बिमल जालान और राकेश मोहन जैसे लोगों को जिम्मेदारी दी गई।

    हाल ही में यूपीएससी की तरफ से जारी विज्ञापन में भी ऐसे सेक्टरों में भर्ती का ऐलान किया गया है जो कि फिलहाल सिविल सर्विस के सेटअप में नहीं हैं।

    1959 में पंडित नेहरू ने की थीं भर्तियां

    पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1959 में ही इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट पूल की शुरुआत की थी जिसमें मंटोश सोढ़ी जैसे लोगों को सरकार में शामिल किया गया था।

    बाद में उन्हें भारी उद्योग का सचिव बना दिया गया। इसी कड़ी में दूसरा नाम वी कृष्णामूर्ती का था जिन्होंने BHEL, SAIL और पीएसयू की जिम्मेदारी संभाली। इसी तरह डीवी कपूर ने तीन अहम मंत्रालयों का कार्यभार संभाला। इसमें ऊर्जा, भारी उद्योग और रसायन और पेट्रोकेमिकल विभाग शामिल था।

    आर्थव्यवस्था सुधारने के लिए हुईं सीधी भर्तियां

    1954 में आईजी पटेल को आर्थिक सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्हें वित्त विभाग का सचिव बना दिया गया।

    बाद में वह आरबीआई के गवर्नर भी बने। इसी तरह 1971 में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को आर्थिक सलाहकार के रूप में भर्ती किया गया था।

    उन्हें पहले वाणिज्य मंत्रालय में जिम्मेदारी दी गई और इसके बाद कई पदों पर रहे। जनता सरकार के दौरान भी रेलवे इंजीनियर एम मेनेजेस को डिफेंस प्रोडक्शन का सचिव बनाया गया था।

    राजीव गांधी की सरकार में भती हुई थी सीधी भर्ती

    केरल इलेक्ट्रॉनिक्स डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन के चेयरमैन केपीपी नांबियार को राजीव गांधी की सरकार में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्रेटरी बनाया गया था।

    इसके अलावा सैम पित्रोदा को भी सेंटर फॉर डिवेलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में आरवी शाही को प्राइवेट सेक्टर से लाकर ऊर्जा मंत्रालय में सचिव बना दिया गया। इस क्षेत्र में सुधार के लिए उन्हें लाया गया था।

    80 और 90 के दशक में कई आर्थिक जानकार सरकार में सीधे आए और उन्हें संयुक्त सचिव बनाया गया। बाद में वे सचिव के पद तक गए।

    मोदी सरकार ने 2018 में लेटरल एंट्री को व्यवस्थित करने का प्रयास किया और बड़ी संख्या में भर्ती के लिए रणनीति तैयार की। मोदी सरकार का कहना था कि बहुत सारे आईएएस अधिकारी केंद्र में नहीं आना चाहते।

    ऐसे में बड़े सुधारों के लिए प्रतिभाओं की जरूरत है। ऐसे में जिन लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र में अच्छा काम किया है वे सरकार की भी मदद कर सकते हैं।

    The post पंडित नेहरू के दौर से लेटरल एंट्री से बनाए जा रहे हैं अधिकारी, अब क्यों कांग्रेस कर रही है विरोध… appeared first on .

    Related Posts

    ओडिशा के कंधमाल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़, दो माओवादी मारे गए, मृतकों में रश्मि शामिल

    February 23, 2026

    शरद पवार परिवार में खुशखबरी: सुप्रिया सुले की बेटी रेवती की सारंग संग सगाई, नागपुर से जुड़ा रिश्ता

    February 11, 2026

    विध्वंस के 1000 साल बाद सोमनाथ में भव्य महाशिवरात्रि, 5 लाख श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

    February 11, 2026

    गौमूत्र पर विश्वास: नवजोत कौर सिद्धू का कहना – स्नान व सेवन से मिली ताकत, कैंसर से निबटने में मदद

    February 2, 2026

    1️जनवरी में यूपीआई ने बनाया नया रिकॉर्ड, 28.33 लाख करोड़ रुपये का हुआ लेन-देन

    February 2, 2026

    नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 24 घंटे उड़ानें शुरू

    February 2, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    जिला चिकित्सालय बेमेतरा का डायलिसिस यूनिट बनी किडनी रोगियों की जीवनरेखा

    April 12, 2026

    सुप्रसिद्ध गायिका पद्मविभूषण आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्त किया शोक…..

    April 12, 2026

    रायगढ़ के समग्र विकास को नई रफ्तार: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने 9 प्रमुख परियोजनाओं का किया निरीक्षण…

    April 12, 2026

    कोतरा रोड दुग्ध डेयरी क्षेत्र में बनेगा आधुनिक ऑक्सीजोन, नागरिकों को मिलेगा हरित व बहुउद्देशीय सुविधा केंद्र, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रयासों से 7.86 करोड़ रुपए की स्वीकृति, स्थल का किया निरीक्षण…..

    April 12, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - Faraha Niyazi
    मोबाइल - 8889278888
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Royal Garden , LIC Road Kangoli, Jagdalpur - 494001
    April 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    27282930  
    « Mar    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.