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पांच दिनों में 21 घंटे हुआ विधानसभा का काम, सरकार ने पारित कराये 7 विधेयक

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रायपुर

छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को कई विधेयकों पर चर्चा कर पारित किया गया।

  • 30 दिसम्बर तक चलना था सत्र सोमवार को ही खत्म हो गया
  • 21 दिसम्बर से शुरू हुआ था सत्र, आठ बैठकें प्रस्तावित थीं

छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज खत्म हो गया। 21 दिसम्बर से शुरू हुआ सत्र 30 दिसम्बर तक प्रस्तावित था, लेकिन दो दिन पहले ही सरकारी काम पूरा हो गया। ऐसे में सत्रावसान की घोषणा हो गई। इन पांच दिनों में विधानसभा में कुल 21 घंटे काम हुआ है।

विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज कुमार मंडावी ने बताया, शीतकालीन सत्र के इन पांच दिनों में सात विधेयक चर्चा के लिए आए। इनमें अनुपूरक बजट के लिए आया विनियोग विधेयक भी था। विधेयकों को चर्चा के बाद पारित भी कर दिया गया। इसमें मंडी संशोधन विधेयक और बजटीय प्रबंधन विधेयक प्रमुख थे। इनके जरिए सरकार ने मंडी शुल्क बढ़ाया है और राजकोषीय घाटे की सीमा पांच प्रतिशत तक करने की छूट पा ली है।

शीतकालीन सत्र में आए 961 प्रश्नों में से 22 पर अनुपूरक प्रश्न पूछे जा सके। सत्र के दौरान विपक्ष काम रोक कर चर्चा के 117 प्रस्ताव लाया। जिसमें से एक विषय पर 29 सूचनाओं को ग्राह्य कर चर्चा कराई गई। 16 सूचनाओं को ग्राह्यता पर चर्चा के बाद नामंजूर किया गया। वहीं 44 सूचनाओं को ध्यानाकर्षण में बदल दिया गया। बताया गया, विधानसभा में आए 28 स्थगन प्रस्तावों को कार्यालय में ही नामंजूर कर दिया गया।

अगला सत्र फरवरी में

विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज सिंह मंडावी ने बताया, सत्र की समाप्ति पर अगले सत्र की तिथि घोषित करने की परंपरा रही है। इस परंपरा के मुताबिक विधानसभा का अगला सत्र फरवरी 2021 के अंतिम सप्ताह में हो सकता है। यह बजट सत्र होगा।

सदन को तीन बार देनी पड़ी श्रद्धांजलि

विधानसभा की परंपरा रही है कि सत्र के पहले दिन पिछले सत्र से उस दिन तक दिवंगत हुए विधायकों-पूर्व विधायकों और राष्ट्रीय नेताओं को श्रद्धांजलि दी जाती है। उसके बाद सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित होती है।

इस बार विधानसभा ने 21 दिसम्बर को दिवंगत पूर्व विधायक हीरासिंह मरकाम, पूरनलाल जांगड़े, लाल महेंद्र सिंह टेकाम और घनाराम साहू को श्रद्धांजलि दी। उसी दिन शाम को मोतीलाल वोरा के निधन की खबर आ गई। 22 को मोतीलाल वोरा को श्रद्धांजलि दी गई। सत्र के समापन वाले दिन सदन में पूर्व मंत्री झितरुराम बघेल को श्रद्धांजलि दी गई।

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